लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आवारा पशुओं को यहां पर बंद कर दिया है.यूपी के कई जिलों में इन दिनों पाठशालाएं आवारा पशुओं के लिए गौशाला का काम कर रही हैं.
खुले में घूम रही गायें खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रही हैं, लेकिन किसान उसके खिलाफ कुछ भी कर पाने की स्थिति में नहीं हैं. भीषण ठंड में खेत में आवारा गायों से अपने फसल को बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं, किसान अब इन आवारा पशुओं को हांक कर प्राइमरी स्कूलों और स्वास्थ्य केन्द्रों में बंद कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि इस संबंध में शिकायत के बाद भी प्रशासन की ओर से कुछ नहीं किया जा रहा. यहां तक कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सभी आवारा पशुओं को गौशाला में भेजने की मियाद भी गुरुवार को खत्म हो रही है.
यूपी के जौनपुर, लखीमपुर खीरी, जौनपुर, आजमगढ़, मेरठ, अमरोहा, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, मथुरा, आगरा और अलीगढ़ समेत कई जिलों के किसान गायों के फसल बर्बाद करने से बेहद परेशानी में हैं और किसान उन्हें पास के स्कूल में बंद करने को मजबूर हो रहे हैं. बुलंदशहर में किसान तो रात भर जागकर आवारा पशुओं से अपनी फसल को बचाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं. एक किसान ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि हमारी फसल रोजाना बर्बाद हो रही है. हम फसलों को लेकर काफी चिंतित हैं. मजबूरी में रतजगा कर रहे हैं.
पिछले साल दिसम्बर महीने में ही जौनपुर के कई प्राइमरी स्कूलों में ग्रामीणों ने आवारा पशुओं को स्कूलों में बंद कर दिया था. जिसकी वजह से छात्रों को खेत में पढ़ना पड़ा. अलीगढ़ में गोराई गांव में 24-25 दिसंबर की रात फसल बर्बाद होने से नाराज किसानों ने बुधवार को करीब 700 से 800 आवारा गायों को एक सरकारी स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र के अंदर बंद कर दिया. वहां के एक किसान के अनुसार, गाय हमारी फसलों को बर्बाद कर रही हैं. हमने सरकार से गाय के लिए शेल्टर्स की मांग की थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कुछ भी नहीं किया गया. कमोबेश यही स्थिति सूबे के कई जिलों में हैं.