विवादास्पद मंदिर से मुक्त कराये गए 147 बाघों में, आधे से ज्यादा की मौत

बैंकाक, थाईलैंड में एक विवादास्पद मंदिर से मुक्त कराये गए 147 बाघों में आधे से ज्यादा की मौत हो गई है और उनकी मौत के लिए प्रजनन से जुड़े आनुवांशिक कारणों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव एवं वनस्पति संरक्षण विभाग ने यह जानकारी दी।

पश्चिमी प्रांत कांचनबरी के वात फा लुआंग ता बुआ मंदिर ने दर्जनों बाघों के आगे तस्वीरें खिंचवाने के लिए बरसों तक पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित किया। हालांकि, इसके लिए पर्यटकों को शुल्क अदा करना होता था।

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उद्यान अधिकारियों ने कुप्रबंधन के आरोपों के मद्देनजर 2016 में बाघों को हटाने के लिए एक लंबी कार्रवाई शुरू की। वहां यह आरोप भी लगाये गए थे कि बाघों का शोषण किया जा रहा है।

दर्जनों मृत शावक फ्रीजर में रखे पाये गए थे, जिनसे इन दावों को बल मिला कि उनके कंकाल मंदिर द्वारा बेचे जाते थे।

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उल्लेखनीय है कि बाघ के अंगों के बदले में चीन और वियतनाम में मोटी रकम मिलती है, जहां यह मान्यता है कि उसके औषधीय उपयोग हैं।
उद्यान के एक अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि जीवित बचे बाघों को पास के रचाबरी प्रांत में दो प्रजनन केंद्रों पर ले जाया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘इसे प्रजनन से जोड़ कर देखा जा सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनमें आनुवांशिक समस्याएं थी, जिसने उनके शरीर और प्रतिरक्षा प्रणाली को खतरा पैदा किया। कइयों की जीभ अकड़ गई, सांस लेने में समस्या हुई और भूख नहीं लगने के चलते उनकी मौतें हुई।

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