यूपी बजट सत्र सपा का जोरदार प्रदर्शन, हंगामे के बीच राज्यपाल का अभिभाषण

लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधानसभा का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट सत्र आज से शुरू हो गया. यह 19 फरवरी तक चलेगा. बजट सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी के नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
विधानमंडल का बजट सत्र राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ.राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संयुक्त सदन को संबोधित करते हुए अपना अभिभाषण दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाई। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में छह करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्ति मिली है। अभिभाषण के दौरान विपक्षी दलों ने लगातार हंगामा किया। शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच भी राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पढ़ना जारी रखा।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में दो दो विद्यालयों को मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय तथा प्रत्येक जनपद में एक एक विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।
वर्ष 2022 से 2025 के दौरान परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शिक्षकों के उपयोग के लिए 2 लाख 61 हजार से अधिक टेबलेट वितरित किए जा चुके हैं।
वर्ष 2025-26 में दुर्बल वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना के अंतर्गत 1 लाख 40 हजार से अधिक बच्चों का प्रवेश करवाया गया है।
प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत विद्यालयों के जार्जर भवनों के नवनिर्माण के साथ-साথ शैक्षिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच 275 करोड़ रुपये की धनराशि से 690 सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों को योजना के अंतर्गत आच्छादित किया गया है।
वहीं, प्रदेश सरकार ने विधानसभा में आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट पेश की। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुये बताया कि प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 30 लाख करोड रुपये से अधिक हो चुका है, जिसके अगले वित्तीय वर्ष में 36 लाख करोड़ रुपये से पार पहुंचने का अनुमान है। निर्यात के मामले में उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य बन गया है और निवेष के लिए यह राज्य अब पसंदीदा गतव्य के रूप में उभरा है।
विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाया कि आखिर यह राज्यपाल के अभिभाषण के तत्काल बाद आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने की क्या आवश्यकता होगी, इस पर तत्काल चर्चा कराई जाए. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि निश्चित तौर पर चर्चा कराई जाएगी. सदन कल सुबह 11 बजे तक स्थगित किया गया है.
पहले ही दिन सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। सदन में राज्यपाल गो बैक के नारे लगाए गए। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सदस्यों ने एकजुट होकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन का माहौत कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बना रहा, लेकिन कार्यवाही नियमानुसार आगे बढ़ती रहीं।
सपा नेताओं ने विधानसभा के बाहर काले बोर्ड उठाकर प्रदर्शन किया और नारे लगाए। उन्होंने PDA, UGC और अन्य जनहित के मसलों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। सपा MLC आशुतोष सिन्हा वाराणसी में मंदिरों को तोड़े जाने के मुद्दा उठाने के लिए साइकिल पर अहिल्याबाई की तस्वीर लेकर विधानसभा पहुंचे। सपा MLC आशुतोष सिन्हा ने कहा कि बनारस में जिस तरह से मंदिरों को तोड़ा जा रहा है उसे लेकर सरकार को घेरने का काम करेंगे। उत्तर प्रदेश की सरकार लगातार मंदिरों को तोड़ने का काम कर रही है उसके खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करने का काम करेंगे।
राज्यपाल के अभिबाषण पर बसपा अध्यक्ष मायावती ने प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि-
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज माननीया राज्यपाल द्वारा विधानमण्डल के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधन की संसदीय परम्परा से शुरू हुआ, किन्तु उनका यह भाषण परम्परा से हटकर प्रदेश के विकास व सर्वसमाज के उत्थान सहित व्यापक जनहित में वास्तविक व थोड़ा उत्साही होता तो यह बेहतर होता। वास्तव में पूरे उत्तर प्रदेश में सर्वसमाज के करोड़ों लोग सरकार की ग़लत नीतियों व कार्यकलापों आदि से दुखी व त्रस्त हैं तथा उन्हें ग़रीबी व बेरोज़गारी आदि के कारण अनेकों प्रकार की कठिन पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, किन्तु इन सबसे ज़्यादा उन्हें अपने जान, माल व मज़हब की ज़्यादा चिन्ता सता रही है, जिसके प्रति मा. राज्यपाल को सरकार का ध्यान आकर्षित कराना चाहिए था ताकि प्रदेश की जनता के साथ-साथ विपक्ष को भी थोड़ा आश्वासन मिलता, संभवतः जिसके अभाव के कारण ही मा. राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष की नारेबाज़ी होती रही तथा हंगामा भी होता रहा। साथ ही, मा. राज्यपाल के सम्बोधन में भाजपा की सरकार द्वारा जनहित व जनकल्याण सम्बंधी बड़े-बड़े दावों, आश्वासनों, घोषणाओं व वादों आदि को पूरा करने सम्बंधी विवरणों का अभाव भी लोगों की चिन्ता का कारण रहा, जिसका आगामी बजट भाषण में समायोजन करना उचित।
अब, 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण (धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। 13 फरवरी तक सदन की कार्यवाही नियमित तौर पर चलेगी। शनिवार व रविवार को सदन की बैठक स्थगित रहेगी। सोमवार 16 फरवरी से सदन की कार्यवाही फिर शुरू होगी। सदन की कार्यवाही 20 फरवरी तक प्रस्तावित है।





