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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को अरूणाचल प्रदेश के कामले जिले के काम्पोरिजो सर्कल में आयोजित पहले संयुक्त मेगा न्योकुम युलो उत्सव को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा , “ कई दशक पहले, भारत सरकार ने ‘लुक ईस्ट’ नीति की शुरुआत की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘एक्ट ईस्ट’ में बदल दिया, क्योंकि केवल देखने से कुछ नहीं होगा, कार्रवाई करना आवश्यक है। जब कार्रवाई होती है, तो अद्भुत बदलाव देखने को मिलते हैं। ”
उप राष्ट्रपति ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में 50,000 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है। एक मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए 10 करोड़ रूपये के निवेश की आवश्यकता होती है, जिसका अर्थ है कि अरुणाचल प्रदेश में 5 लाख करोड़ रूपये के निवेश की संभावना है।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने क्षेत्र में हुए विकास का जिक्र करते हुए कहा, “भारत के इतिहास में पहली बार बौद्ध समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया गया है, और एक बौद्ध नेता को केंद्रीय मंत्री पद भी सौंपा गया है। यह ऐतिहासिक निर्णय पूरी दुनिया को एक सशक्त संदेश देता है।”
उपराष्ट्रपति ने सांस्कृतिक एकता पर जोर देते हुए कहा, “भारत जैसा कोई दूसरा देश नहीं है। आज आप न्योकुम युलो मना रहे हैं, वहीं पूरे देश में होली, बैसाखी, लोहड़ी, बिहू, पोंगल और नवान्न जैसे पर्व भी मनाए जाएंगे। भारत में हम जहां भी हों, हमारी सोच और परंपराएं एकजुट रहती हैं।”
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दुनिया भर में भारत की बढती साख का उल्लेख करते हुए कहा, “आज भारत एक सशक्त राष्ट्र है। अब कोई भी हम पर बुरी नजर नहीं डाल सकता। हमारे प्रधानमंत्री दुनिया के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। ”
उपराष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के योगदान की सराहना करते हुए कहा, “किरेन रिजिजू जी केंद्र सरकार में वरिष्ठ और प्रभावशाली मंत्री हैं। उन्हें चार बार लोकसभा के लिए चुना गया है। इसलिए मैं कहता हूं, किरेन जी, आपने फ्रंटियर हाईवे का सपना देखा है। आपका यह सपना जरूर साकार होगा। मैं जानता हूं कि अरुणाचल प्रदेश के लिए आपने कितने सपने देखे हैं और कितने बड़े बदलाव लाए हैं।”
इस अवसर पर श्री रिजिजू, रागा के विधायक रोटोम तेबिन, न्यीशी एलीट सोसाइटी के अध्यक्ष ताना शोरन, तानी सुपुन दुकुन के अध्यक्ष एच. के. शल्ला, प्रथम संयुक्त मेगा न्योकुम युलो उत्सव समिति, बोसीमला के अध्यक्ष गुची संजय, केंद्रीय न्योकुम समिति के सहायक महासचिव रब कारा दानी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।