अखिलेश यादव ने भाजपा पर दस्तावेज सत्यापन के बहाने नागरिकता छीनने का आरोप लगाया

नयी दिल्ली, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा दस्तावेज़ सत्यापन के बहाने नागरिकों के मताधिकार छीनने का प्रयास कर रही है।

अखिलेश यादव ने अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक संदेश पोस्ट करते हुए इस प्रक्रिया की तुलना राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की प्रक्रिया से की और दावा किया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए समाज के विभिन्न वर्गों को निशाना बना रही है। उन्होंने लिखा, “पहले एनआरसी के दौरान उन्होंने अल्पसंख्यकों से दस्तावेज़ दिखाने को कहा। अब भाजपा के सदस्य बहुसंख्यक समुदाय से दस्तावेज़ मांग रहे हैं।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि दस्तावेज़ सत्यापन की यह प्रक्रिया एक बड़े राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है।उन्होंने अपने संदेश में कहा, “भाजपा की साजिश किसी तरह लोगों के वोट कटवाने और उन्हें नागरिक न साबित करने की है, ताकि उनकी ज़मीन, खेत और घर छीने जा सकें।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एक ऐसा गिरोह है जो ज़मीन हड़पने के बल पर जीवित है।

ये टिप्पणियां विपक्षी दलों और भाजपा के बीच मतदाता सूची, नागरिकता दस्तावेजों और भूमि स्वामित्व से जुड़े मुद्दों पर फिर से शुरू हुई राजनीतिक खींचतान के बीच आई हैं।

देशव्यापी एनआरसी की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मतदाता सूची और पहचान दस्तावेजों से संबंधित समय-समय पर होने वाले सत्यापन अभियान अक्सर सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच विवाद का कारण बन जाते हैं।

भाजपा ने अखिलेश यादव के नवीनतम आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, अखिलेश यादव की टिप्पणियां उत्तर प्रदेश में बढ़ते राजनीतिक संघर्ष का संकेत देती हैं, जहाँ सपा और भाजपा दोनों आगामी चुनावी मुकाबलों से पहले खुद को आक्रामक रूप से तैयार कर रहे हैं।

Related Articles

Back to top button