अधिकारी माफी मांगे तभी करेंगे शिविर में प्रवेश: अविमुक्तेश्वरानंद

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगे माघ मेला में मौनी अमावस्या स्नान पर्व के दिन ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संगम नोज पर रोके जाने पर विवाद सुलझता हुआ नज़र नहीं आ रहा है।

पिछले 24 घंटे से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर के बाहर अपने अनुयायियों के साथ धरने और अनशन पर बैठे है। मौनी अमावस्या पर उनको पालकी के साथ स्नान न करने जाने पर उन्होंने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए तमाम आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि उन्हें स्नान बिना किए अपने शिविर तक लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें जानबूझ कर रोकने की कोशिश की गई। उनके अनुयायियों द्वारा कोई भी पुलिस बैरिकेडिंग नहीं तोड़ी गई। प्रशासन द्वारा लगाए गए आरोप गलत है। प्रशासन पहले सीसीटीवी सार्वजनिक करे और देखे कि गलती किसकी थी।

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ये उनका धरना नहीं बल्कि वो तब तक अपने शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे जब तक कि प्रशासनिक अधिकारी उनसे आकर माफी नहीं मांगेगे। उन्होंने कहा है कि वो तब तक शिविर में बाहर रहेंगे जब तक कि उन्हें पालकी सहित स्नान करने की अनुमति नहीं दी जाती है।

उन्होंने प्रेस कांफ्रेस में पुलिस पर कई आरोप लगाए और अपने बाटुक़ो वा शिविर के साधू संतो की पिटाई का आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि प्रशासन क़ो चाहिए था कि उनको सम्मान के साथ स्नान कराते लेकिन ऐसा न करके लोगो क़ो पीटा गया। जो एक संत का घोर अपमान हैं उन्होंने चेतावनी दी है, की ज़ब तक अफसर उनसे माफ़ी मांग कर स्नान नही कराते तब तक वो अनशन नही खत्म करेंगे।

स्वामी ने यह भी कहा कि वो इस मामले क़ो लेकर कोर्ट भी जायेंगे और ज़रूत पड़ी तो एफआईआर भी अफसरों पर कराएँगे। उन्होंने कहा कि संतो- सन्यासियों को पुलिस द्वारा अपमानित कर मारपीट की गई।पुलिस द्वारा गालीगलौज कर भ्रामकता फैलाने के लिये बार- बार माइक से कहा गया कि शंकराचार्य जी मां की गाली दे रहे हैं। मारपीट में करीब 15 से ज्यादा लोग घायल हो गये, कई को कम चोटें आईं हैं।तीन गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया।

शंकराचार्य जी महाराज के शिष्य व अनुयायी भी इस बात पर अड़ गये हैं कि अब तो जब तक प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ आकर माफी नहीं मांग लेते तब तक हम भी महाराज जी के साथ शिविर के बाहर ही बैठे रहेंगे।

Related Articles

Back to top button