इंजीनियरिंग छात्रों ने मानव कदमों से बनायी बिजली

प्रयागराज,  उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्रों ने ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की दिशा में एक महत्वपूर्ण खोज करते हुए मानव कदमों से बिजली उत्पन्न करने वाली रिजेनेरेटिव एनर्जी टाइल विकसित की है। यह तकनीक सार्वजनिक स्थलों पर व्यर्थ जाने वाली मानव ऊर्जा को उपयोगी विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने में सक्षम है।समर प्रोजेक्ट के तहत तैयार की गई यह विशेष प्रकार की टाइल रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, शॉपिंग मॉल, स्कूल-कॉलेज और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के लिए काफी उपयोगी मानी जा रही है। इससे उत्पन्न ऊर्जा का उपयोग एलईडी लाइट, सेंसर, सूचना डिस्प्ले, मोबाइल चार्जिंग और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चलाने में किया जा सकता है।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. केएन पांडेय और असिस्टेंट प्रो. डॉ. जितेंद्र एन गंगवार के नेतृत्व में एसएई क्लब के आदित्य आर्या, आदित्य जैन, आलोक गुप्ता, अमन कुमार, अमन शुक्ला, अनघा राजेश, केशवी गुप्ता, सजल धूरिया, सत्यम चौरसिया, सौंदर्या स्वरूप श्रीवास्तव, सिद्धम बघरेचा और स्पर्श चितलंगिया ने इस परियोजना पर काम किया है।

इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाली टीम अब अगले चरण में बैटरी स्टोरेज आईओटी आधारित निगरानी और इसकी ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाए जाने पर शोध भी करेगी। छात्रों ने बताया कि यह एक काफी मुश्किल प्रोजेक्ट था और इसे हमको पूरा करने में करीब चार महीने का वक्त लगा।टाइल पर पड़ने वाले दबाव को रैक एंड पिनियन मैकेनिज्म के माध्यम से घूर्णन गति में बदला जाता है। इसके बाद गियर ट्रेन सिस्टम गति को बढ़ाता है, जिससे जुड़ा डीसी जनरेटर बिजली उत्पन्न करता है। टाइल के नीचे लगाया गया स्प्रिंग हर कदम के बाद टाइल को उसकी मूल स्थिति में वापस लाता है और यह प्रक्रिया ऐसे ही चलती रहती है। परीक्षणों में यह टाइल किफायती, टिकाऊ और प्रभावी पाई गई।

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