एलपीजी के गहराते संकट पर नये नये बहाने बना रही है सरकार : राहुल गांधी

नयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि देश में एलपीजी का संकट गहराता जा रहा है लेकिन मोदी सरकार इससे निपटने की रणनीति बनाने की बजाय नये नये बहाने बना रही है।
राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट कहा कि मोदी सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है और देश की जनता को उसका खामियाजा एलपीजी संकट के रूप में झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने लिखा “देश में एलपीजी संकट गहराता जा रहा है, लेकिन मोदी सरकार समाधान के बजाय झूठे फसाने, सवाल पूछने वालों को ताने और नए-नए बहाने दे रही है। हकीकत यह है कि सरकार खुद घबराई हुई है। घबराहट का पहला संकेत क्या था, सप्लाई रुकते ही गैस के दाम बढ़ा दिए गए। संकट का बोझ किस पर डाला गया, आप पर-देश की जनता पर।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह संकट अचानक नहीं आया बल्कि यह कमज़ोर और दबाव में चलने वाली सरकार की विदेश नीति का परिणाम है। उनका कहना था कि जब अमेरिका ने देश की ऊर्जा नीति पर दबाव डाला तो ‘समझौतावादी प्रधानमंत्री’ झुक गए और समझौता कर लिया।
उन्होंने इसे सरकार की एक और बड़ी विफलता बताया और कहा कि इस सरकार ने भारत को आयात पर पूरी तरह निर्भर बना दिया है। देश की घरेलू ऊर्जा क्षमता विकसित करने में सरकार विफल रही। सबसे बड़ी बात, सरकार ने समय रहते खतरे को पहचाना ही नहीं। ऊर्जा संकट के संकेत पहले से थे, लेकिन सरकार ने देर से और आधे-अधूरे कदम उठाए।
राहुल गांधी ने कहा “आज हालात यह हैं कि व्यवसाय बंद हो रहे हैं, घरों में चूल्हे बुझ रहे हैं। पीड़ा कौन झेल रहा है,
आप देश की जनता। सच्चाई साफ है-मोदी सरकार ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया है। और अगर अभी भी तैयारी नहीं हुई, तो आने वाला समय और बड़ा संकट लेकर आएगा। और उसकी सबसे बड़ी कीमत फिर वही चुकाएंगे – गैस की कतारों में खड़े आप, भारत की जनता।”





