टॉपर बेटियों का, समाजवादी पार्टी ने किया सम्मान

भारत के पूर्व राष्ट्रपति और ‘मिसाइल मैन’ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था कि- “सपने वो नहीं जो हम सोते वक्त देखते हैं… सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते।” डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी के अनुसार- सच्चे सपने वह नहीं हैं जो नींद में आते हैं, बल्कि वे लक्ष्य हैं जिन्हें पाने की चाहत आपको कड़ी मेहनत करने के लिए मजबूर कर देती है। ” एसा ही कुछ कर दिखाया उत्तर प्रदेश की बेटियों ने, उन्होने अपने सपनों को सच कर दिखाया है… अपनी मेहनत, संघर्ष और लगन से।” “अंशिका, कशिश और शिखा… तीन नाम, जो आज लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।” “संसाधन सीमित थे… लेकिन हौसले असीमित। हर मुश्किल को इन बेटियों ने अवसर में बदला।”
“जब परिणाम आया… तो सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि मेहनत की जीत सामने थी।” “आज इन बेटियों की मेहनत को मिला सम्मान…
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा।”
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में टॉपर छात्राओं अंशिका वर्मा, कशिश वर्मा और शिखा वर्मा को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया. उन्होंने हाईस्कूल की टॉपर अंशिका वर्मा और कशिश वर्मा को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया और दोनों को iPad उपहार में दिया. इसके अलावा अखिलेश यादव ने इंटरमीडिएट की टॉपर शिखा वर्मा को भी सम्मानित किया.
सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा में संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया है. दोनों ने 97.83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. वहीं सीतापुर की शिखा वर्मा ने इंटरमीडिएट में प्रथम स्थान हासिल करते हुए 97.60 प्रतिशत अंक हासिल किए. तीनों छात्राएं छोटे शहरों से आती हैं और उनकी सफलता ने साबित किया कि मेहनत और सही मार्गदर्शन से कोई भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है.
अखिलेश यादव ने छात्राओं से बातचीत करते हुए उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी मेधावी छात्राएं भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन करेंगी. अखिलेश यादव ने कहा कि “ये बेटियां प्रदेश का भविष्य हैं… इनकी सफलता हर घर की प्रेरणा बनेगी।”
“ये कहानी सिर्फ तीन बेटियों की नहीं… हर उस सपने की है, जो मेहनत से सच होता है।” “इनकी सफलता सिर्फ इनकी नहीं… पूरे समाज की है।” “अब इनकी उड़ान और ऊंची होगी… नए सपनों के साथ।” “शिक्षा ही सशक्तिकरण है”





