काशी में 814.54 करोड़ की पेयजल योजना मंजूर, PM मोदी रखेंगे आधारशिला

वाराणसी,  उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत 814.54 करोड़ रुपये की वृहद पेयजल परियोजनाओं को शासन से प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इन परियोजनाओं की आधारशिला शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी जाएगी।

महापौर अशोक तिवारी ने शनिवार को बताया कि नगर निगम के 18 अत्यधिक प्रभावित वार्डों के साथ वरुणा पार, रामनगर और सूजाबाद क्षेत्रों को इस योजना में शामिल किया गया है। परियोजना के तहत 651.64 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे शहरी एवं विस्तारित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जल भंडारण और आपूर्ति के दबाव को संतुलित रखने के लिए 18 ओवरहेड टैंक और 22 भूमिगत जलाशयों का निर्माण किया जाएगा। पूरी प्रणाली को आधुनिक स्काडा तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे कंट्रोल रूम से ही जल आपूर्ति, लीकेज और दबाव की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, इस परियोजना से 67,886 घरों को शुद्ध पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके क्रियान्वयन के बाद शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही जल समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

परियोजना के अंतर्गत विभिन्न वार्डों में अलग-अलग लागत से पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। शिवपुरवा, तुलसीपुर, बिरदोपुर और काजीपुरा वार्ड में 184.09 करोड़ रुपये से 112.17 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जबकि दुर्गाकुंड, नरियां, सरायनंदन, जोल्हा उत्तरी और भेलूपुर वार्ड में 166.67 करोड़ रुपये से 251.92 किमी नेटवर्क तैयार होगा।

इसके अलावा शिवाला, नगवा, बघाड़ा, जंगमबाड़ी और बंगाली टोला क्षेत्रों में 87.95 करोड़ रुपये से 94.77 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। हुकुलगंज और नई बस्ती वार्ड में 45.91 करोड़ रुपये से एक ओवरहेड टैंक तथा 58.35 किमी पाइपलाइन का कार्य होगा, जबकि प्रह्लाद घाट एवं कृतिवाशेश्वर वार्ड में 33.44 करोड़ रुपये से 34.44 किमी पाइपलाइन डाली जाएगी।

ट्रांस वरुणा जलापूर्ति योजना (लमही जोन) फेज-1 पार्ट-बी के तहत 137.43 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त कार्य किए जाएंगे। परियोजना के लिए पहली किस्त जारी होने के साथ ही जल निगम ने निर्माण कार्यों की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

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