कोरोना काल में मजदूरों को राहत देने में अहम रही मनरेगा को मोदी ने किया नजरअंदाज : मल्लिकार्जुन खरगे

नयी दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मनरेगा खत्म करने और नया कानून लागू नहीं करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए सोमवार को कहा कि कोरोना काल में मजदूरों को राहत देने में इस योजना की अहम भूमिका रही है लेकिन श्री मोदी ने उसे नजरअंदाज किया है। श्री खरगे ने कहा “एक ओर मनरेगा पर प्रभावी रूप से रोक जैसी स्थिति बना दी गई है, वहीं दूसरी ओर घोषित वीबी-जयराम-जी योजना अब तक लागू नहीं हो पाई है। कई राज्यों में मनरेगा खत्म करने की खबरें हैं जिसके कारण करोड़ों श्रमिकों के समक्ष रोजगार का संकट पैदा हो गया है।”
उन्होंने मनरेगा को लेकर कई राज्यों में आंदोलन होने का दावा किया औऱ कहा कि बिहार के मुजफ्फरपुर में पिछले 87 दिनों से लगभग 12 हजार मजदूर काम न मिलने के कारण आंदोलन कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से मनरेगा के तहत काम बंद होने की खबरें आ रही हैं, जिससे ग्रामीण मजदूरों के सामने रोज़गार का संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने मनरेगा को कमजोर कर करोड़ों मजदूरों के ‘काम के अधिकार’ को छीना है श्रमिकों को पर चोट पहुंचाई है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने महाराष्ट्र की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों में से 53 प्रतिशत से भी कम कार्य पिछले पांच वर्षों में पूरे हुए हैं, जबकि करीब 2.5 लाख कार्य शुरू ही नहीं हो सके। रसोई गैस की महंगाई और उद्योगों की बदहाली के कारण शहरों से प्रवासी मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है, लेकिन गांवों में उनके लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना काल में मनरेगा ने करोड़ों मजदूरों को राहत दी थी, जिसे आज नजरअंदाज किया जा रहा है।





