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नाकामियों को छिपाने के लिये वक्फ (संशोधन) विधेयक लायी है, यह सरकार: अखिलेश यादव

नई दिल्ली, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने आज लोकसभा में कहा कि मोदी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिये वक्फ विधेयक लेकर आयी है और भारतीय जनता पार्टी इसके जरिये ध्रुवीकरण की राजनीति कर अपने गिरते मतों को संभालना चाहती है। यादव ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर सदन में हो रही चर्चा के दौरान कहा कि नोटबंदी, किसानों की आय दुगुनी करने, गंगा सफाई, स्मार्ट सिटी, आदर्श ग्राम योजना आदि कामों में सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिये यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने कहा कि जो सरकार प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ में मरने वालों की संख्या नहीं बता पा रही है, वह वक्फ की संपत्तियां गिनने की तैयारी में लगी है।

उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पीछे नीयत करोड़ों मुस्लिमों के घरबार और दुकान छीनने की है और यह विधेयक भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति का नया रूप है। समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा कि इसके माध्यम से सरकार मुसलमानों को भड़काना चाहती है ताकि समाज में ध्रुवीकरण हो और भाजपा के वोट में आ रही गिरावट रुके। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के कई साथी दल भी अंदर से इस विधेयक के पक्ष में नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि यह विधेयक भारत के लोकतंत्र के बारे में दुनिया में एक गलत संदेश भेजेगा। उन्होंने कहा, “मैं भी हिंदू हूं, हिंदू सबको साथ लेकर चलने वाला होता है।” यादव ने इसी संदर्भ में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर संकेत करते हुये कहा, “ आप हमारे बहुत से धर्मग्रंथों को नहीं मानते, उपनिषदों को स्वीकार नहीं करते, फिर भी हम आपको अपनाकर चलते हैं।”

उन्होंने कहा कि रिजिजू ने कहा है कि रेलवे और रक्षा विभाग की जमीनें देश की जमीनें हैं, वह पूछना चाहते हैं कि क्या रेलवे की जमीनें बेची नहीं जा रही, रक्षा विभाग की जमीनें बेची नहीं जा रही हैं। सरकार की ओर से वक्फ की जमीनों की बातें खूब की जा रही हैं, वक्फ की जमीनों से ज्यादा बड़ा मुद्दा देश की उन जमीनों का है, जिन पर चीन ने कब्जा करके गांव बसा लिये हैं। उन्होंने पूछा कि क्या रिजिजू बतायेंगे कि चीन ने भारत की जमीनों पर कितने गांव बसा लिये हैं।

यादव ने कहा कि भाजपा के मतों में गिरावट आ रही है, उस गिरावट को संभालने के लिये यह वक्फ विधेयक लाया गया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे के बंटवारे के लिये लाया गया है, समाजवादी पार्टी इस विधेयक का विरोध करती है,और मत विभाजन होने पर इसके खिलाफ वोट देगी।