नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला फर्जी कॉल सेंटर बेनकाब, पांच आरोपी गिरफ्तार

नोएडा, उत्तर प्रदेश के नोएडा फेस वन थाना पुलिस और साइबर अपराध थाना पुलिस द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार करते हुए बड़ी मात्रा में पांच लैपटॉप चौबीस मोबाइल फोन श्रम विभाग की तीन फर्जी मोहर, ग्यारह कूटरचित आईडी उन्नीस डेबिट,क्रेडिट,पैन कार्ड एक चेकबुक तीन बैंक खातों के स्टेटमेंट सहित अन्य कूटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस ने शनिवार को फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा कर गिरफ्तार ठगों की जानकारी देते हुए बताया कि नोएडा फेस वन थाना पुलिस और साइबर अपराध थाना पुलिस टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए मैनुअल इंटेलिजेंस और संकलित सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में नोएडा सेक्टर 6 स्थित फर्जी कॉल सेंटर से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दुर्गेश कुमार, सोनू कुमार, पुनीत सिंह, अमन शर्मा और आलोक के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि ये एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य कर रहे थे। ये लोग विभिन्न वेबसाइटों और ऑनलाइन पोर्टलों से नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों का डाटा एकत्र करते थे और फिर उन्हें मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज आदि के नाम पर ठगी करते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्तों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर देश के विभिन्न राज्यों से करीब 21 शिकायतें दर्ज हैं। इन शिकायतों से यह तथ्य उजागर हुआ है कि गिरोह द्वारा अपने बैंक खातों में करोड़ों रुपये की अवैध रकम प्राप्त की गई है।
आरोपी सोनू कुमार और दुर्गेश कुमार को वर्ष 2022 में (हरियाणा) गुरुग्राम के थाना सदर पुलिस द्वारा भी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस मामले में थाना साइबर अपराध थाना पर, आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नौकरी के नाम पर मांगे जाने वाले पैसों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल या वेबसाइट की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर दें।





