यूजीसी के नए नियम के खिलाफ सड़क पर उतरी करणी सेना

लखनऊ, यूजीसी के नए नियम के खिलाफ सवर्ण समाज मे काफी उबाल है। मंगलवार को लखनऊ के परिवर्तन चौराहे पर करणी सेना ने जोरदार प्रदर्शन कर वापस लेने की मांग दोहराई। इस दौरान हजरतगंज की तरफ जाने की कोशिश कर रहे करणी सेना के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने एसीपी को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंप कर प्रदर्शन किया। संगठन ने यूजीसी एक्ट को वापस लेने या उसमें संशोधन करने की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश सिंह दीपू ने कहा कि यूजीसी का नया नियम सामान्य वर्ग के प्रति नकारात्मक सोच से प्रेरित है, जिससे समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र संशोधन नहीं हुआ तो शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और अपराध बढ़ने की भी आशंका है।
ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षा के क्षेत्र को राजनीति और जातिगत द्वेष से मुक्त रखा जाना चाहिए तथा छात्रों और शिक्षकों का मूल्यांकन केवल योग्यता, परिश्रम और नैतिकता के आधार पर होना चाहिए। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग कर सवर्ण समाज को परेशान किया जाता है, जिसे लेकर कई उच्च न्यायालय भी टिप्पणी कर चुके हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह परिहार ने कहा कि यूजीसी एक्ट में यह प्रावधान नहीं है कि यदि सामान्य वर्ग के विरुद्ध की गई शिकायत गलत पाई जाए तो शिकायतकर्ता पर कोई कार्रवाई हो, जो न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने मांग की कि सवर्ण समाज के हित में यूजीसी एक्ट को वापस लिया जाए अथवा नियमों में संशोधन कर सभी वर्गों को समान राहत दी जाए।
प्रदेश संगठन मंत्री विकास सिंह ने कहा कि संगठन का आंदोलन शांतिपूर्ण है, लेकिन सरकार ने यदि जनभावनाओं की अनदेखी की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
इस मौके पर वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विनीत सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट दुर्गेश सिंह, जिलाध्यक्ष अधिवक्ता सभा लखनऊ एडवोकेट अवधेश प्रताप सिंह, मंडल अध्यक्ष लखनऊ संदीप सिंह, जिलाध्यक्ष युवा अमर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष पुष्पराज सिंह सहित मुरारी सिंह, रवि सिंह, अप्पू पाण्डेय व सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।





