(यूपी-रेरा) ने की 37वें रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत

लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक पेशेवर, सक्षम और उत्तरदायी स्वरूप देने की दिशा में उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी-रेरा) ने 37वें रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है।
चार दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को एनआईईटी परिसर, ग्रेटर नोएडा में प्रारंभ हुआ, जिसका आयोजन छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से कुल 51 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जो प्रमाणित एवं पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंट के रूप में कार्य करना चाहते हैं।
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन यूपी-रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने ऑनलाइन माध्यम से किया, जबकि दीप प्रज्ज्वलन डिप्टी सचिव पंकज सक्सेना ने किया। उद्घाटन अवसर पर यूपी-रेरा के सचिव महेंद्र वर्मा, वित्तीय सलाहकार सुधांशु त्रिपाठी तथा छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के सहायक प्रोफेसर मोहित अवस्थी भी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यूपी-रेरा के सचिव महेंद्र वर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण और प्रमाणन की यह व्यवस्था प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को अधिक अनुशासित, जवाबदेह और नियमों के अनुरूप संचालित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को रेरा अधिनियम से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों, नियमों और विनियमों की विस्तृत तथा व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पूर्व से चली आ रही चुनौतियों का नकारात्मक प्रभाव प्रमोटर, एजेंट और गृह खरीदार—तीनों पर पड़ा है। इसी पृष्ठभूमि में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेरा की स्थापना की गई।
श्री वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के बाद परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके बाद ही वे लाइसेंसधारी रियल एस्टेट एजेंट के रूप में पंजीकरण के पात्र होंगे।
उन्होंने कहा कि यूपी-रेरा का उद्देश्य केवल नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक पारदर्शी, भरोसेमंद और उत्तरदायी रियल एस्टेट व्यवस्था का निर्माण करना है, जिससे आमजन का विश्वास और मजबूत हो सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिन राघवेंद्र द्वारा “रेरा अधिनियम, यूपी-रेरा नियम एवं विनियम” विषय पर विस्तृत सत्र आयोजित किया गया। इसमें परियोजना पंजीकरण की प्रक्रिया, प्रमोटरों की जिम्मेदारियां, अनुपालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं, रियल एस्टेट एजेंटों के पंजीकरण, नवीनीकरण, निरस्तीकरण और दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी गई।
साथ ही परियोजना खातों से संबंधित दिशा-निर्देशों तथा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से जुड़े प्रावधानों पर भी प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन परीक्षा आयोजित की जाएगी। सफल अभ्यर्थियों को निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद रियल एस्टेट एजेंट के रूप में पंजीकरण प्रदान किया जाएगा।





