योगी सरकार के प्रयासों से संचारी रोग नियंत्रण में ऐतिहासिक सफलता, मृत्यु दर में भारी कमी

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश सरकार ने संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। डेंगू, मलेरिया और एईएस/जेई जैसे गंभीर रोगों की निगरानी, जांच और उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए सरकार ने मृत्यु दर में ऐतिहासिक कमी दर्ज की है। इसमें डिजिटल सर्विलांस, प्रयोगशालाओं के विस्तार और त्वरित उपचार सुविधाओं ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रविवार को स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि प्रदेश में एकीकृत डिजिटल सर्विलांस पोर्टल (आईडीएसपी) के माध्यम से रोगों की निगरानी को मजबूत किया गया है। इस पोर्टल पर 34,334 प्रयोगशालाएं पंजीकृत हैं, जिनमें 31,885 सरकारी और 2,439 निजी लैब शामिल हैं। इन प्रयोगशालाओं में 16 संक्रामक और छह वैक्सीन से बचाव योग्य रोगों की नियमित जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जहां केवल 36 डेंगू जांच प्रयोगशालाएं थीं, वहीं वर्ष 2025 तक इनकी संख्या बढ़कर 89 हो गई, जिससे प्रदेश के सभी जिलों में जांच सुविधा उपलब्ध हो गई है। डेंगू की मृत्यु दर वर्ष 2017 में 0.91 से घटकर वर्ष 2025 में 0.06 हो गई, जो लगभग 94 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। वहीं मलेरिया के मामलों में 55 प्रतिशत की कमी आई है और जांचों की संख्या 46.69 लाख से बढ़कर 1.54 करोड़ हो गई है।

रितु माहेश्वरी ने बताया कि एईएस और जेई नियंत्रण में भी प्रदेश ने बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच एईएस से होने वाली मौतों में 99 प्रतिशत और जेई से होने वाली मौतों में 98 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके लिए ब्लॉक स्तरीय इंसेफलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर, पीआईसीयू, वेंटिलेटर और उन्नत प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं।

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