गोद में सुलाकर दूध पिला रही मां के आंचल से मासूम को खींच ले गया भेड़िया

बहराइच, उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले के फखरपुर ब्लॉक स्थित रसूल पुर बरेटा गांव में सोमवार की सुबह एक भेड़िया मां की गोद से उसके तीन साल के मासूम बच्चे को जबड़े में दबाकर जंगल की ओर भाग गया।
घबरायी मां ने शोर मचाते हुए भेड़िये का पीछा किया, लेकिन घने कोहरे के कारण वह पलक झपकते ही आंखों से ओझल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर बच्चे की तलाश में जुट गई है।
गांव के निवासी राम मनोहर, जो पंजाब में मजदूरी करते हैं, की पत्नी ननकई अपने दो बच्चों के साथ घर पर रहती हैं। सोमवार की सुबह ननकई बरामदे में अपने तीन साल के बेटे अंशु को दूध पिला रही थीं। तभी अचानक एक भेड़िया ने हमला कर दिया और मासूम को जबड़े में दबाकर भाग निकला। मां ननकई चीख-पुकार करते हुए भेड़िये के पीछे दौड़ी और करीब सौ मीटर तक उसका पीछा किया, लेकिन घने कोहरे के कारण भेड़िया गायब हो गया।
ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय पुलिस और वन विभाग को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर रेंजर ओंकार यादव वन कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीण और वन विभाग की टीम मिलकर मासूम की तलाश कर रही है। प्रधान प्रतिनिधि रियाज ने बताया कि सुबह एक जंगली जानवर मासूम को उसकी मां की गोद से उठा ले गया। मां ने उसका पीछा भी किया, लेकिन जानवर का कोई पता नहीं चल सका। वन विभाग और पुलिस टीम के साथ ग्रामीण लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।
घटना के बाद से मां ननकई का रो-रो कर बुरा हाल है। मासूम के पिता मनोहर को भी घटना की सूचना दे दी गई है। पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग अपने बच्चों को लेकर चिंतित हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी है। बच्चे की तलाश जारी है और ग्रामीण उसकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।





