मतदान सिर्फ एक अधिकार नहीं, कर्तव्य है : पीयूष गोयल

मुंबई, महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के लिए हो रहे मतदान के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने निकाय चुनावों को “लोकतंत्र का उत्सव” करार देते हुए कहा कि मतदान सिर्फ एक अधिकार नहीं, बल्कि एक नागरिक का कर्तव्य है।
पीयूष गोयल ने सुबह मुंबई के मालाबार हिल इलाके में अपनी पत्नी के साथ मतदान केंद्र पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया। पीयूष गोयल ने मतदान के बाद कहा कि चुनावी प्रक्रिया में भाग लेना एक सौभाग्य की बात है। उन्होंने मुंबई को भारत की वित्तीय और वाणिज्यिक राजधानी बताते हुए कहा कि यह शहर देश के विकास और भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने नागरिकों से भारी संख्या में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि वोट देना न सिर्फ एक संवैधानिक अधिकार है, बल्कि एक नागरिक कर्तव्य भी है जो सुशासन, तीव्र विकास और हर निवासी के कल्याण के लिए अनिवार्य है।
उल्लेखनीय है कि मुंबई, पुणे, नासिक, नागपुर, नवी मुंबई, ठाणे और पिंपरी-चिंचवड़ जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 29 नगर निगमों में गुरुवार को वोट डाले जा रहे हैं। अधिकांश शहरों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना ‘महायुति’ के बैनर तले मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के गुट कई नगर निकायों में स्वतंत्र रूप से मैदान में हैं।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है, जहां राकांपा के दोनों गुट (अजीत पवार और शरद पवार के नेतृत्व वाले) फिर से एक साथ आ गए हैं और उन्होंने एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया है। दूसरी ओर, पुणे में भाजपा के साथ सीट बंटवारे पर सहमति न बनने के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रही है।
राजनीतिक लड़ाई का मुख्य केंद्र मुंबई (बीएमसी) है, जहां देश के सबसे अमीर नगर निकाय पर नियंत्रण के लिए कड़ा मुकाबला है। यहां भाजपा नीत महायुति को ‘ठाकरे बंधुओं’ की संयुक्त चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने ‘मराठी अस्मिता’ के मुद्दे पर हाथ मिला लिया है, जिससे यह मुकाबला और भी रोचक हो गया है। उल्लेखनीय है कि बीएमसी के पिछले चुनाव 2017 में हुए थे और लंबे अंतराल के बाद हो रहे इन चुनावों में 1,700 उम्मीदवार 227 सीटों के लिये अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, 29 नगर निगमों के 893 वार्डों में 2,869 सीटों पर चुनाव लड़ रहे 15,908 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए लगभग 3.48 करोड़ मतदाता योग्य हैं। पूरे राज्य में कुल 39,092 मतदान केंद्र बनाये गये हैं।





