फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने कार्डियाक केयर में नया मुकाम हासिल किया

मानेसर, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने 300 से अधिक कार्डियाक सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर हार्ट केयर के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एडल्ट से लेकर पिडियाट्रिक मामलों तक, जटिल और हाई-रिस्क हार्ट सर्जरी में अस्पताल ने अपनी विशेषज्ञता साबित की है।
फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने 300 से अधिक हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। आज यह अस्पताल बड़ों से लेकर बच्चों तक, जटिल और गंभीर हृदय रोगों के इलाज के लिए एक भरोसेमंद नाम बन चुका है।
बीते एक वर्ष में फोर्टिस मानेसर की अनुभवी कार्डियाक टीम ने देश और विदेश से रेफर किए गए कई गंभीर मामलों का सफल इलाज किया है। मिनीमली इन्वेसिव सर्जरी, रीडू सर्जरी, जन्मजात हृदय रोगों का इलाज और जटिल वाल्व सर्जरी जैसे मामलों में अस्पताल ने बेहतरीन क्लीनिकल नतीजे दिए हैं।
अस्पताल में कई ऐसे मरीजों का इलाज किया गया, जिन्हें अन्य मेडिकल सेंटर्स में सर्जरी के लिए अयोग्य या अत्यधिक जोखिम वाला बताया गया था। आधुनिक तकनीक, अनुभवी डॉक्टरों और मल्टीडिसीप्लीनरी टीमवर्क की बदौलत इन मरीजों को नया जीवन मिला।
फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर में उपलब्ध एडवांस कार्डियाक केयर, सटीक सर्जिकल प्लानिंग और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि हर मरीज को सुरक्षित, प्रभावी और विश्वस्तरीय इलाज मिल सके।
मुश्किल हार्ट मामलों में भी बेहतर इलाज
पिछले एक साल में फोर्टिस मानेसर की कार्डियाक टीम ने कई ऐसे मरीजों का सफल इलाज किया, जिन्हें दूसरे अस्पतालों में ऑपरेशन के लिए जोखिम भरा माना गया था। यहां मिनीमली इन्वेसिव सर्जरी, रीडू सर्जरी और जन्मजात हृदय रोगों का इलाज सुरक्षित और असरदार तरीके से किया जा रहा है।
कुछ खास सफल सर्जरी
14 साल की बच्ची का बिना ओपन हार्ट सर्जरी इलाज
जन्म से दिल की बीमारी से पीड़ित बच्ची का इलाज खास फोंटन प्रक्रिया से किया गया। इस इलाज में बिना छाती खोले स्टेंट के जरिए फेफड़ों तक खून पहुंचाया गया।
गंभीर रूप से बीमार महिला को मिला नया जीवन
47 साल की महिला, जो चलने-फिरने में असमर्थ थीं और ऑक्सीजन सपोर्ट पर थीं, उनकी जटिल डबल वाल्व सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। सर्जरी के बाद उनकी हालत में बड़ा सुधार हुआ।
विदेश से आए मरीज की दुर्लभ सर्जरी
बांग्लादेश से आए 60 वर्षीय मरीज की बेहद मुश्किल बीटिंग हार्ट सर्जरी की गई। यह सर्जरी बिना दिल रोके की गई, जो बहुत कम अस्पतालों में संभव है।
स्कूबा डाइवर की एक ही सर्जरी में पूरी समस्या का इलाज
43 वर्षीय स्कूबा डाइवर की हार्ट ब्लॉकेज, वाल्व लीकेज और कमजोर हार्ट मसल्स का इलाज एक ही सर्जरी में किया गया। अब वह फिर से सामान्य जीवन जी रहे हैं।
6 साल की बच्ची का दुर्लभ हार्ट ट्रीटमेंट
जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्ची का इलाज उसके अपने टिश्यू से वाल्व रिपेयर कर किया गया, जिससे आर्टिफिशियल वाल्व लगाने की जरूरत नहीं पड़ी।
डॉक्टरों की राय
डॉ. महेश वाधवानी ने कहा कि 300 सर्जरी का आंकड़ा मरीजों के भरोसे और टीम की मेहनत को दिखाता है।
डॉ. श्यामवीर सिंह खंगरोट ने बताया कि बच्चों के इलाज में दिल की प्राकृतिक बनावट को बचाना सबसे जरूरी होता है।
डॉ. दीपक ठाकुर के अनुसार, सही समय पर जांच और इलाज से बेहतर नतीजे मिलते हैं।
डॉ. आलोक रंजन साहू ने कहा कि जटिल सर्जरी में सही एनेस्थीसिया और देखभाल अहम भूमिका निभाती है।
अभिजीत सिंह ने कहा कि फोर्टिस मानेसर में अब लोगों को उनके नजदीक ही विश्वस्तरीय हार्ट केयर मिल रही है।





