पारो-पिनाकी की प्रेम कहानी,सीवर कर्मियों की सच्चाई को दिखाती मार्मिक प्रेम कथा

नई दिल्ली, फिल्म देखने के बाद सबसे पहले अगर किसी की तारीफ करने का मन करता है तो वह हैं फिल्म की लीड एक्ट्रेस और निर्माता इशिता सिंह। उन्होंने अपनी जमा-पूंजी एक ऐसे विषय पर लगा दी, जिस पर फिल्म बनाना जोखिम भरा माना जाता है।
फिल्म को देखकर साफ महसूस होता है कि इसका उद्देश्य बॉक्स ऑफिस कमाई नहीं, बल्कि समाज के उस वर्ग की आवाज़ उठाना है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
सीवर कर्मियों की दर्दनाक हकीकत
हम अखबारों में अक्सर पढ़ते हैं कि सीवर की सफाई करते समय जहरीली गैस से दम घुटने पर कर्मियों की मौत हो जाती है।
लेकिन ऐसी खबरें पढ़कर हम पन्ना पलट देते हैं।
इसी अनदेखी सच्चाई को इशिता सिंह ने गंभीरता से लिया। अपनी रिसर्च टीम के साथ उन्होंने इस विषय पर काम किया और इसे एक अधूरी प्रेम कहानी के साथ पर्दे पर पेश किया।
कहानी (Story Plot)
मुंबई की एक स्लम बस्ती में रहने वाली मरियम उर्फ पारो (इशिता सिंह) अपने अब्बा के साथ सब्ज़ी बेचती है।
पास की कॉलोनी में रहने वाला पिनाकी (संजय बिश्नोई) सीवर सफाई का काम करता है। दोनों के बीच सच्चा प्यार पनपता है। पारो रोज़ उसके लिए घर से खाना लेकर जाती है।
लेकिन पारो के पिता को यह रिश्ता मंजूर नहीं होता। लालच में आकर वह अपनी ही बेटी को मानव तस्करी करने वाले गिरोह को बेच देते हैं।
पारो अपने प्यार से दूर घुट-घुटकर जीने को मजबूर हो जाती है, जबकि पिनाकी उसे खोजने के लिए सब कुछ छोड़ देता है।
क्या दोनों मिल पाते हैं? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
अभिनय (Performance)
इशिता सिंह ने बिना मेकअप, बेहद सादगी के साथ अपना किरदार निभाया है। उनके अभिनय में ईमानदारी झलकती है।
संजय बिश्नोई कुछ दृश्यों में थोड़े कमजोर जरूर लगते हैं, लेकिन उन्होंने अपने किरदार के साथ न्याय करने की कोशिश की है।
निर्देशन और प्रस्तुति
लेखक-निर्देशक रुद्र जादौन ने सीमित बजट के बावजूद कहानी की मांग के अनुसार फिल्म को अधिकतर आउटडोर लोकेशनों पर शूट किया है। फिल्म का ट्रीटमेंट रियलिस्टिक है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनती है।
कमज़ोर कड़ियाँ
लो बजट होने की वजह से कुछ तकनीकी कमियाँ नजर आती हैं। कुछ दृश्य और अभिनय और बेहतर हो सकते थे, लेकिन फिल्म का मुद्दा इतना गंभीर है कि दर्शक इन खामियों को नजरअंदाज कर देता है।
ओवरऑल वर्डिक्ट
‘पारो-पिनाकी की प्रेम कहानी’ सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं, बल्कि समाज के उस दर्द को दिखाने की कोशिश है जिसे हम अक्सर देखना नहीं चाहते।
अगर आप यथार्थवादी और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी फिल्में पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए है।
स्टारकास्ट और टेक्निकल टीम
कलाकार: इशिता सिंह, संजय बिश्नोई, हनुमान सोनी, धनंजय सरदेश पांडे
निर्माता: इशिता सिंह, उत्कर्ष सिंह, संजय बिश्नोई, प्रताप जादौन, समर सिंह
निर्देशक: रुद्र जादौन
संगीत: ब्रिटो
सेंसर: U
अवधि: 94 मिनट
रेटिंग: ⭐⭐⭐ (3/5)





