लखनऊ, यूपी मे महिलाओं के साथ दुष्कर्म पर, समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर बड़ा हमला किया है। सपा ने आरोप लगाया है कि यूपी मे महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है और मुख्यमंत्री बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बाद बेटियों को बचाने की जगह गुजरात मे घूम रहें हैं।
समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि पार्टी ‘‘विद डिफरेंस‘‘ का दावा करने वाली और नैतिकता की बात-बात पर दुहाई देने वाली भारतीय जनता पार्टी जबसे प्रदेश में सत्ता में आई है महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। विभिन्न कार्यालयों और शिक्षा संस्थानों तक में महिलाओं की इज्जत सुरक्षित नहीं है। राजधानी लखनऊ में ही जब दुष्कर्म की घटनाओं पर रोक नहीं लग सकी तो अन्य जनपदों के हाल की सिर्फ कल्पना की जा सकती है।
दुष्कर्म की घटनाओं का हवाला देते हुये राजेंद्र चौधरी ने कहा कि बागपत जनपद के रमाला क्षेत्र के किरथल गांव की एक किशोरी के साथ 4 महीने पूर्व गैंगरेप हुआ था। दबंग उसे फिर दुष्कर्म की धमकी दे रहे थे और आरोपितों को पुलिस निर्दोष बता रही थी। दो महीने पूर्व पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री योगी से भी मिला था और अपने जानमाल तथा इज्जत की गुहार लगाई थी। लेकिन अपराधियों के साथ सख्ती करने और उन्हें जेल भेजने का हवाई दावा करने वाले मुख्यमंत्री जी के राज में उस दुखियारी किशोरी को अंततः सब तरफ से निराशा मिलने पर आत्महत्या करनी पड़ गई।
उन्होने आगे जिक्र किया कि मेरठ में एक और किशोरी को भी दरिंदो ने अपनी हवस का शिकार बनाया। उसने भी अपनी कलाई का नस काट कर जान दे दी। मथुरा की एक लड़की ने अपने मां-बाप के कातिलों के न पकड़े जाने पर मायूस होकर फांसी लगा ली। ऐसी एक नहीं अनेक घटनाएं पिछले दिनों घटी हैं। बीएचयू और रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय में छेड़छाड़ की घटनाओं पर जब वहां की छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया तो भाजपा राज में उन्हें ही अपमानित किया गया। बीएचयू में तो शांतिपूर्ण धरना दे रही छात्राओं पर बर्बर लाठीचार्ज तक किया गया।
समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि भाजपा राज में अराजक ताकतों को खुली छूट है। जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों वाराणसी में मौजूद थे तभी छात्राओं की बेरहमी से पिटाई जताती है कि शासन-प्रशासन में कितनी संवेदनहीनता है। मुख्यमंत्री से फरियाद के बावजूद बागपत की किशोरी की जान नहीं बच सकी और उन्होंने बीएचयू की छात्राओं का दुःखदर्द जानने के लिए उनसे मिलना भी गंवारा नहीं किया।
उनहोने कहा कि भाजपा के सुशासन में जन सामान्य की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। वह सिर्फ अपने मन की बातें करते रहते हैं और मुख्यमंत्री बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बाद बेटियों को बचाने की जगह गुजरात दौरे पर चले गये है। समाजवादी सरकार ने जो जनहित के काम किए थे उनमें से कुछ तो बंद कर दिए गए हैं, कुछ को नाम बदलकर चलाया जा रहा है। उनका अपना कोई काम नज़र नहीं आया है। भाजपा ने जो वादे किए थे उन्हें भी भूल गए है।
भाजपा के विपरीत समाजवादी सरकार में अखिलेश यादव ने महिलाओं की सुरक्षा को प्रमुखता से लेते हुए 1090 वूमेनपावर लाइन की स्थापना की थी। इससे घटनाओं पर रोक लगी। यूपी 100 डायल सेवा के माध्यम से अपराध की सूचना मिलते ही पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने की व्यवस्था की गई थी। भाजपा राज में इन योजनाओं को किनारे कर दिया गया है जिसका लाभ असामाजिक और अराजक तत्व उठा रहे हैं और बेखौफ होकर पुलिस बल पर हमलावर हो रहे हैं। अच्छा होता कि भाजपा सरकार बिना पूर्वाग्रह के अखिलेश यादव की व्यवस्था को बहाल करे जिससे कानून का राज कायम हो सके तथा कानून-व्यवस्था लागू हो सके।