
कलाकारों ने नाटक के माध्यम से कहा कि जिस घर में शौचालय नहीं, उस घर में बहन बेटी की शादी नहीं। खुले में शौच जाना बीमारियों को दावत देने के समान है। साथ ही लोक कलाकारों ने सफाई तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी दर्शाया।
लोक कलाकारों की टीम ने जनमानस को गंदे पानी को घर के आसपास जमा नहीं होने देने के प्रति जागरूक किया।