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हाथरस गैंगरेप: निलंबन से विपक्ष संतुष्ट नही, एफआईआर की मांग की

लखनऊ , हाथरस गैंगरेप मामले में योगी सरकार द्वारा पुलिस अफसरों के निलंबन मात्र से विपक्ष संतुष्ट नही है इसलिये उसने उनके एफआईआर की मांग की है।

उत्तर प्रदेश में हाथरस के पुलिस अधीक्षक समेत पांच पुलिसकर्मियों के निलंबन के योगी सरकार के फैसले पर प्रतिक्रया व्यक्त करते हुये कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कुछ मोहरों को हटाने से पीड़िता के परिजनों के जख्म नहीं भरेंगे।

श्रीमती वाड्रा ने शुक्रवार देर रात ट्वीट किया “ योगी आदित्यनाथ जी कुछ मोहरों को सस्पेंड करने से क्या होगा। हाथरस की पीड़िता, उसके परिवार को भीषण कष्ट किसके ऑर्डर पर दिया गया। हाथरस के डीएम, एसपी के फोन रिकार्ड्स पब्लिक किए जाएँ। मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से हटने की कोशिश न करें। देश देख रहा है। योगी आदित्यनाथ इस्तीफा दो। ”

इससे पहले समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाथरस के डीएम एसपी को हटाये जाने की संभावना व्यक्त की थी। श्री यादव ने शुक्रवार शाम ट्वीट किया था “ हाथरस कांड’ में जनाक्रोश से डरी भाजपा अपने कृत्य छिपाने के लिए डीएम,एसपी को हटा सकती है। सपा की माँग है कि इन पर एफआईआर हो जिससे ये सच उगलें कि इन्होंने किसके दबाव में ऐसा किया।”

उन्होने कहा “ भाजपा की नीतियों ने उप्र में डीएम-एसपी की कुछ नयी गैंग को जन्म दिया है, पहले महोबा व अब हाथरस जिसके गवाह हैं।”

गौरतलब है कि हाथरस की घटना की जांच के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी का गठन किया था जिसे सात दिनो के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करनी है। एसआईटी ने आज अपनी पहली रिपोर्ट पेश की है जिसमें पुलिस की लापरवाही की बात सामने आयी है जिसके आधार पर पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।