नोएडा में सीवर सफाई रोबोट के जरिये किया जायेगा, केरल मॉडल से मिलेगी नई दिशा

नोएडा, उत्तर प्रदेश के नोएडा में सीवर सफाई व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और तकनीकी बदलाव होने जा रहा है। अब तक जोखिम भरे मैनुअल तरीके से होने वाली सीवर सफाई की जगह जल्द ही रोबोटिक तकनीक अपनाई जाएगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद सफाई कर्मचारियों को सीवर या मैनहोल के अंदर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनकी जान को होने वाला खतरा लगभग समाप्त हो जाएगा।
प्राधिकरण के आधिकारिक सूचना विभाग से जानकारी साझा करते हुए शनिवार को बताया गया कि,बीते वर्षों में सीवर सफाई के दौरान कई हादसे और कर्मचारियों की मौतें सामने आने के बाद प्राधिकरण ने यह अहम निर्णय लिया है। नोएडा प्राधिकरण का जल खंड विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है और योजना को जल्द जमीन पर उतारने की तैयारी में जुटा है।
इस तकनीक को समझने और लागू करने से पहले अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी क्रम में नौ मई को प्राधिकरण के दो वरिष्ठ प्रबंधकों को तिरुवनंतपुरम भेजा जाएगा, जहां वे रोबोटिक सीवर सफाई सिस्टम का अध्ययन करेंगे। यह मॉडल केरल में पहले से सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है और देश में इसे एक उदाहरण के रूप में देखा जाता है।
रोबोटिक मशीनें अत्याधुनिक तकनीक से लैस होती हैं, जिनमें कैमरा, सेंसर और मैकेनिकल आर्म शामिल होते हैं। ये मशीनें मैनहोल के भीतर जाकर गाद, कचरा और जाम सामग्री को बाहर निकालती हैं। पूरी प्रक्रिया को ऑपरेटर बाहर बैठकर कंट्रोल करता है, जिससे जहरीली गैस, ऑक्सीजन की कमी और अन्य खतरों से पूरी तरह बचाव संभव हो जाता है।
इस पहल से नोएडा को कई स्तरों पर फायदा होगा। एक ओर जहां सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर सीवर सफाई की गुणवत्ता और गति में भी सुधार आएगा। जाम लाइनें जल्दी साफ होंगी, शिकायतों में कमी आएगी और शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल नोएडा में सफल रहता है, तो इसे उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है। इस कदम को शहरी स्वच्छता और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।





