Breaking News

आतंकी विकास दुबे अदालत या टीवी चैनल स्टूडियो में कर सकता है आत्मसमर्पण

लखनऊ , उत्तर प्रदेश पुलिस के आठ कर्मठ जवानो की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे वारदात के छठे दिन भी सुरक्षा एजेंसियों के हाथ नहीं लग सका है।

चौबेपुर के बिकरू गांव से अपनी आपराधिक सल्तनत चलाने वाला साधारण सा हिस्ट्रीशीटर आज पुलिस प्रशासन को कड़ी चुनौती पेश कर रहा है। विकास की गिरफ्तारी और उसे अपने किये के अंजाम तक पहुंचाने के लिये पुलिस की 50 से अधिक टीमे दिन रात एक किये हुये हैं लेकिन शातिर दिमाग अपराधी उन्हे कदम कदम पर गच्चा देकर पुलिस की प्रतिष्ठा को ललकार रहा है।

फरीदाबाद से साफ बच निकलने के बाद पुलिस ने अदालत परिसर,फिल्म सिटी,बस अड्डा,रेलवे स्टेशन समेत अन्य सार्वजनिक स्थानो पर पहरा और कड़ा कर दिया है। कोरोना काल में मास्क की अनिवार्यता भी इस समय सुरक्षा बलों को बहुत खल रही है। पुलिस को आशंका है कि जान बचाने के लिये विकास या तो किसी अदालत में अथवा टीवी चैनल के स्टूडियो में आत्मसमर्पण कर सकता है।

इस बीच पुलिस ने बुधवार को शातिर विकास के गुर्गो और हमदर्दो पर कड़ी कार्रवाई की। रात के अंधेरे में हिस्ट्रीशीट का दायां हाथ कहे जाने वाले अमर दुबे को हमीरपुर के मौदहा में मुठभेड़ में मार गिराया गया तो दिन निकलते निकलते उसके एक और साथी श्यामू बाजपेई को शिवली के जंगल में जख्मी कर दबोच लिया गया।

उधर पुलिस ने अपने ही विभाग के निलंबित थानाध्यक्ष विनय तिवारी और हल्का इंचार्ज के के शर्मा को विकास की मदद में संदिग्ध भूमिका निभाने के आरोप के तहत गिरफ्तार कर संदेश दिया कि इस मामले में जो भी आरोपी पाया जायेगा, पुलिस उसे सख्ती से निपटेगी।

पुलिस की तमाम कार्यवाही के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास मामले की पल पल की अपडेट ले रहे हैं।दोपहर में लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस में अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि कानपुर की घटना में शामिल हर एक शख्स से सख्ती से निपटा जायेगा। पुलिस की कार्यवाही से उन लोगों को पछतावा होगा जो इस वारदात में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर शामिल रहे हैं।

उन्होने कहा कि आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने दो बदमाशों को मार गिराया था और उनके कब्जे से पुलिस के लूटे गये हथियार बरामद किये थे जबकि आज हमीरपुर के मौदहा में अमर दुबे को ढेर कर दिया गया है।


उन्होने कहा कि इस जघन्य वारदात के आरोपी तीन बदमाशों को अब तक ढेर किया गया है जबकि दो महिलाओं समेत आठ की गिरफ्तारी की जा चुकी है। हालांकि पुलिस से लूटी गई एके 47 और इंसास रायफल अब तक बरामद नहीं हो सकी है।

इस बीच सरकार ने दुर्दांत अपराधी की गिरफ्तारी पर ईनाम की रकम बढ़ा कर पांच लाख रूपये कर दी है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने कहा कि मोस्ट वांटेड विकास दुबे को गिरफ्तार करवाने या सूचना देने वाले को अब पांच लाख रुपये इनाम राशि दी जाएगी।

उधर, लखनऊ के कृष्णानगर क्षेत्र में विकास के चार बंगलों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली गयी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की जांच में प्रथम दृष्टया बंगले का निर्माण कार्य अवैध माना गया है। करीब छह हजार वर्ग फीट में साल 2002 में धर्मेंद्र ग्रोवर के नाम से एक नक्शा पास किया गया था मगर इंद्रलोक कॉलोनी में इस एक नक्शे पर चार मकान बनाए गए हैं। चारों मकानों के नंबर भी अलग-अलग हैं।

इसको लेकर एलडीए ने विकास दुबे के घर पर नोटिस लगाया है। विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे को एलडीए कार्यालय में घर के नक्शे की प्रति पेश करने के लिए कहा है। एलडीए के लिए अब जांच का विषय ये है कि क्या कभी इस नक्शे के आधार पर एलडीए में सब डिवीजन कराया गया है। सब डिवीजन हुआ है तो कार्रवाई की उम्मीद कम है। अगर सब डिवीजन नहींं हुआ है तो फिर विकास दुबे के मकान के खिलाफ एक्शन लेने का रास्ता खुल जाएगा।