स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ा बजट स्वागतयोग्य, पर मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण भी आवश्यक, पीपीपी से ज्यादा सरकारी योजनाओं का विस्तार जनोपयोगी होगा – सुनील यादव

लकनऊ, प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण क्षेत्र हेतु बढ़ाए गए प्रावधानों का स्वागत करते हुए फार्मेसिस्ट फेडेरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक कदम है।

सुनील यादव ने कहा कि स्वास्थ्य बजट में वृद्धि से चिकित्सा अवसंरचना के विकास, आयुष्मान सेवाओं के विस्तार, डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित करने की पहल भी सराहनीय है लेकिन ऐसे सभी केंद्रों को स्थाई मानव संसाधन के द्वारा संचालित किया जाना चाहिए, वहीं आयुष्मान केंद्रों में फार्मेसी एक्ट 1948 की धारा 42 के अनुपालन में फार्मासिस्ट की नियुक्ति अनिवार्य होनी चाहिए ।

उन्होंने कहा कि फार्मेसिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। दवा प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण औषधि वितरण, रोगी परामर्श, फार्माकोविजिलेंस तथा जन-जागरूकता अभियानों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतः आवश्यक है कि—

– प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में मानक के अनुसार फार्मेसिस्टों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
– दवा आपूर्ति एवं वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाया जाए।
– कार्यरत फार्मेसिस्टों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की पदोन्नति, प्रशिक्षण एवं सेवा शर्तों में सुधार किया जाए।
– प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं और मानव संसाधन की कमी को प्राथमिकता से दूर किया जाए।

एक कर्मचारी प्रतिनिधि के रूप में श्री यादव ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और पेशेवर विकास को नीति निर्माण का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए। वहीं सरकार सभी योजनाओं को पीपीपी के रूप में विकसित कर रही है जबकि इससे जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में आमजन का व्यय बढ़ेगा, बेरोजगारी बढ़ेगी ।

उन्होंने प्रदेश को स्वस्थ, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प में सरकार को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

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