वाराणसी निर्यातक आउटरीच निर्यात प्रोत्साहन मिशन एवं भारत -यूनाइटेड किंगडम CETA

वाराणसी, केंद्र सरकार भारत से निर्यात बढ़ाने पर जोर दे रही है और निर्यात में वृद्धि करने की दिशा में, उद्द्मियो, एम एस एम ई, शिल्पी, निर्यातकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यालय संयुक्त महानिदेशक विदेश व्यापार भारत सरकार, एवं फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के द्वारा आयोजित निर्यात प्रोत्साहन मिशन एवं भारत यूनाइटेड किंगडम मुक्त व्यापार समझौते विषय पर कार्यक्रम दिन सोमवार 15 दिसंबर 2025 को वाराणसी के एक होटल में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि श्रीमती वृंदा मनोहर देसाई, IRS, अपर महानिदेशक विदेश व्यापार भारत सरकार ने सयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर के किया, इस मौके पर श्री आर के सोनी, संयुक्त महानिदेशक विदेश व्यापार, श्री वैभव खरे सहायक निदेशक एम एस एम ई भारत सरकार, पद्मश्री डॉ रजनीकांत, श्री दिनेश कुमार मिश्रा सहायक आयुक्त सेंट्रल जी एस टी, श्री पीयूष बरनवाल, बोर्ड मेंबर सी ई पी सी, श्री रघु मेहरा अध्य्क्ष EUPEA, श्री सौरभ वर्मा प्रबंधक ई सी जी सी एवं श्री आलोक श्रीवास्तव सहायक निदेशक फियो, व अन्य अतिथि मौजूद रहे ।
वृंदा मनोहर देसाई अपर महानिदेशक महोदया* ने अपने संबोधन मे बताया कि भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए निर्यात संवर्धन मिशन शुरू किया गया। निर्यात संवर्धन मिशन वाणिज्य, वित्त, कपड़ा और एमएसएमई मंत्रालय की एक केंद्रित और सहयोगात्मक पहल है, जो वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक 6 साल में 25,060 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ निर्यात संवर्धन के लिए एक व्यापक, लचीला और डिजिटल रूप से संचालित ढांचा प्रदान करता है। निर्यात संवर्धन मिशन कई योजनाओं का सिंगल, परिणाम-आधारित और प्रभावी तंत्र में एक रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है जो वैश्विक व्यापार चुनौतियों और निर्यातकों की जरूरतों को विकसित करने के लिए है। ईपीएम को भारत के निर्यात इकोसिस्टम को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
श्रीमती देसाई ने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) बताया कि मुक्त व्यापार समझोता वाराणसी, उत्तर प्रदेश और भरत के लिये नये अवसर खोलेगा जिस्से यूनाइटेड किंगडम को समान और सेवाओ के निर्यात मे भी फायदा होगा उर इन्वेस्टमेंट के अवसर भी खुलेंगे, इसका उद्देश्य पेशेवर गतिशीलता को बढ़ावा देना, नियामक सहयोग को मजबूत करना और सीमा पार निवेश को बढ़ावा देना है। भारतीय उत्पादो के निर्यात पर ब्रिटेन मे शुल्क शून्य कर दिया गया है जिस्से भारत के उत्पादो का एक बड़ा बजार ब्रिटेन होने वाला है
आर के सोनी संयुक्त महानिदेशक ने सभी उद्द्मियो व अतिथियों का स्वागत किया एवं इस तरह के आयोजन होते रहने की इच्छा भी जतायी जिससे नये उद्द्मियो को निर्यात करने में दिशा मिलेगी और निर्यात में जनपद से वृद्धि हो सके, श्री सोनी ने निर्यातकों को दी जा रही निर्यात सम्बन्धित सुविधाओं से अवगत कराया एवं डी जी एफ टी भारत सरकार के द्वारा निर्यात में प्रदान की जा रही विभिन्न योजनाओं में बारे में बताया एवं जिला निर्यात हब योजना के अंतर्गत निर्यात बढ़ाने व नए बाजार उपलब्ध कराने, ब्रांडिंग, अन्य विषयों पर चर्चा की जिसे निर्यातकों ने उपयोगी कहा एवं उनके सवालो के जवाब भी दिये जिससे निर्यातक सन्तुष्ट हुए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने संबोधन में बताया कि किसी भी देश के आर्थिक विकास में निर्यात की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। निर्यात कि दृष्टि से भारत का निर्यात प्रदर्शन लगातार बढ़ रहा हैं जिसमे उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका है । जिससे देश को आर्थिक गति देने में बल मिलेगा। भारत सरकार अगले कुछ वर्षो में 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के उद्देश्य से अपने विभागों में नीतिगत सुधार कर रही है और निर्यातको को और अधिक सहुलिते कैसे दी जाएं इस पर भी जोर दिया जा रहा है। भारतीय निर्यात क्षेत्र में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो सरकारी पहलों, कुशल कार्यबल उत्पादों और सेवाओं की एक विविध श्रृंखला के संयोजन से प्रेरित है। यह प्रदर्शन भारत के निर्यात इकोसिस्टम की ताकत को भी दर्शाता है – जो लॉजिस्टिक्स उन्नयन, बढ़ी हुई बंदरगाह क्षमता, निर्यात सुविधा उपायों, संरचनात्मक सुधारों और पीएलआई-संचालित क्षेत्रों के तहत बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धात्मकता द्वारा समर्थित है।
वैभव खरे सहायक निदेशक एम एस एम ई, विकास सुविधा केंद्र प्रयागराज ने भारत सरकार द्वारा लागू पब्लिक प्रोक्योरेमेट पॉलिसी के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि समस्त सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को अपनी कुल खरीद का न्यूनतम 25% सूचना एवं लघु इकाइयों से खरीदना आवश्यक है जिसमें चार प्रतिशत अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग एवं तीन प्रतिशत महिला उद्योग द्वारा स्थापित इकाइयों से लेना आवश्यक है बारे में जानकारी भी दी एवं ई कॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
आलोक श्रीवास्तव सहायक निदेशक फियो ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया व संयुक्त अरब अमीरात के साथ भारत द्वारा मुक्त व्यापार समझौते करने के बाद यूरोप, इंग्लैंड, ओमान, जीसीसी समूह देश से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर पर बात की जा रही है जिससे निर्यातकों को नए अवसर व बाजार तलाशने में मदद मिलेगी, इन एग्रीमेंट से जनपद के निर्यातकों के लिए नए वैश्विक बाजार खुल जायेंगे !
अधिकारियों ने कहा कि जनपद से निर्यात अवसरों का पता लगाने और उनकी पहचान करने के लिए राज्यों के साथ मजबूत जुड़ाव की आवश्यकता है और प्रत्येक जिले को एक निर्यात हब में परिवर्तित करने के दृष्टिकोण की तरफ आगे बढ़ना है। निर्यात कार्यक्रम का उद्देश्य जिले से निर्यात किए गए उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देना है और निर्यात में आने वाले अवसर चुनौतियों ऑनलाइन मोड्यूल के बारे मे बताया गया साथ ही साथ विभागों द्वारा चलायी जा रही निर्यात सम्बंधित जानकारी के बारे मे अवगत कराया गया और उनके सुझावो कार्यकम में जिले के 60 से अधिक उद्द्मियो व निर्यातकों ने भाग लिया और कार्यक़म को बहुत ही उपयोगी बताया साथ ही साथ भविष्य में इस तरह के और भी सम्मेलन आयोजित करने की इच्छा जताई आलोक श्रीवास्तव ने सभी अधिकारियों, अतिथियों एवं निर्यातकों को धन्यवाद ज्ञापित किया ।





