सीएम योगी की विदेश यात्रा, क्यों बन रही चर्चा का केंद्र

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यानि 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर जा रहें हैं. ये दौरा निवेश के लिहाज से अहम माना जा रहा है. मुख्यमंत्री इससे पहले मॉरीशस, रूस, नेपाल और म्यांमार की यात्रा कर चुके हैं।
सीएम योगी 23 से 24 फरवरी तक सिंगापुर में रहेंगे जबकि 25 व 26 फरवरी को जापान दौरे पर रहेंगे. अपने चार दिवसीय दौरे में वह राजनेताओं, निवेशकों और भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात करेंगे. मुख्यमंत्री योगी की सिंगापुर में पीएम, राष्ट्रपति, गृहमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात संभावित है. जबकि जापान में सीएम योगी यामानाशी के गवर्नर से भी मुलाकात कर सकते हैं. उनके विदेश दौरे में, 23 फरवरी को सिंगापुर और 25 फरवरी को जापान में कम्यूनिटी इवेंट का आयोजन किया जा रहा है, जहां वह भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे. इसके साथ ही दोनों देशों में निवेश को लेकर रोड शो भी करेंगे.
दौरे के पहले चरण में मुख्यमंत्री सिंगापुर पहुंचेंगे, जहां वे शहरी परिवहन प्रणाली, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और आधुनिक ट्रांजिट नेटवर्क का अवलोकन करेंगे। सिंगापुर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और तकनीक आधारित शहरी नियोजन को दुनिया में एक आदर्श मॉडल माना जाता है।
इसके बाद वे जापान के विभिन्न औद्योगिक और तकनीकी संस्थानों का दौरा करेंगे। वहां संभावित निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी प्रस्तावित हैं, ताकि उत्तर प्रदेश में आधारभूत संरचना और औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके। जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव (मैग्नेटिक लेविटेशन) ट्रेन, जो चुंबकीय शक्ति के सहारे पटरी से ऊपर हवा में तैरते हुए चलती है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे का विशेष आकर्षण बनने जा रही है। मुख्यमंत्री अपने जापान प्रवास के दौरान इस हाईस्पीड ट्रेन में 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे, जिसमें 50 किलोमीटर जाना और 50 किलोमीटर की वापसी होगी।
मैग्लेव ट्रेन को आधुनिक परिवहन का भविष्य माना जा रहा है। चुंबकीय तकनीक के कारण ट्रेन और ट्रैक के बीच प्रत्यक्ष संपर्क समाप्त हो जाता है, जिससे घर्षण लगभग शून्य हो जाता है। यही कारण है कि यह ट्रेन 600 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल करने में सक्षम है। इस ट्रेन में सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट और अत्याधुनिक गाइडवे सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो इसे उच्च गति के साथ स्थिरता और सुरक्षा भी देता है। फिलहाल ट्रायल चरण में संचालित यह ट्रेन जापान की तकनीकी क्षमता की मिसाल है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक के अध्ययन से उत्तर प्रदेश में भविष्य की उच्च गति रेल परियोजनाओं और क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के विकास में मदद मिल सकती है।
जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ टोक्यो से करीब 45-50 किलोमीटर दूर स्थित हनुमान मंदिर भी जाएंगे। इसको लेकर भी खूब चर्चा हो रही है।
सीएम योगी का ये दौरा यूपी के एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य प्राप्ति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. उनका एजेंडा यूपी में निवेश लाने का है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के विकास मॉडल, शहरी नियोजन और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन करेंगे। प्रदेश सरकार का मानना है कि इस यात्रा से न केवल परिवहन क्षेत्र में नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी, बल्कि निवेश और तकनीकी सहयोग के नए अवसर भी खुलेंगे।
मुख्यमंत्री यहां ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, फिनटेक और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए कंपनियों को आमंत्रित करेंगे. भी पढ़ें
उनके साथ 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी रवाना होगा. प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, मुख्यमंत्री के ओएसडी आरबीएस रावत, विशेष सचिव अमित सिंह, अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, प्रमुख सचिव श्रम विभाग, प्रमुख सचिव आईटी, प्रमुख सचिव पर्यटन, सीईओ इन्वेस्ट यूपी विजय किरन आनंद और निदेशक नेडा शामिल हैं।
सीएम योगी का पहनावा शुरुआत से ही चर्चा का विषय रहा है। उनके पहनावे को लेकर पहले से ही चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी अपने विदेश दौरे पर भी अपने पारंपरिक भगवा कुर्ता-चोला में ही नजर आएंगे। आमतौर पर देश में होने वाले सरकारी कार्यक्रमों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक योगी आदित्यनाथ अपने इसी पहनावे में नजर आते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उनकी व्यक्तिगत और वैचारिक पहचान का हिस्सा बन चुका है। हालांकि इस दौरान वह हमेशा की तरह सैंडल नहीं पहनेंगे बल्कि जूतों में नजर आएंगे.
सीएम योगी के जापान और सिंगापुर दौरे को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चुटकी ली है। अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा, ‘जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा, जिससे ये पता चल सके कि प्रधान-संसदीय क्षेत्र काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या उसकी विरासत कैसे बिगड़ी। जापान से विरासतों को बचाने और शहरों को आगे बढ़ाने का सकारात्मक सबक लेते आइएगा।’
‘वैसे अब चला-चली की बेला में अपने अंतिम वर्ष में कौन-सा तो ये जापान का अध्ययन कर लेंगे और क्या ही योजना बना पाएंगे। ये मुख्यमंत्री जी का ‘मनसुख-पर्यटन’ है, अगर वो स्वीकार कर लें, तो जाते-जाते कम-से-कम एक सच बोलने के लिए उन्हें लोग याद रखेंगे।’
‘वनस्पति के विशेष अध्ययन’ का व्यक्तिगत लाभ ही उठाएंगे या अपने क़रीबियों से भी साझा करेंगे।
लेकिन एसा नही है कि केवल सीएम योगी विदेश यात्रा पर जा रहें हैं। उनके डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी विदेश यात्रा पर आज से ही जा रहें हैं। लेकिन वह सिगापुर और जापान नही बल्कि यूके और जर्मनी की यात्रा पर जा रहें हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में आज ही यानि 22 फरवरी को यूपी सरकार का प्रतिनिधिमंडल यूके और जर्मनी की यात्रा पर जा रहा है।





