लखनऊ , समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार ने अपने शासन काल मे इस योजना को शुरु किया था लेकिन योगी सरकार अब इस योजना को बंद करने जा रही हैं.
अखिलेश यादव सरकार ने 20 नवंबर, 2014 को अल्पसंख्यक बहुल आबादी वाले जिलों के लिए एजुकेशन हब योजना शुरू की थी. इस योजना के पहले चरण में 20 जिलों का चयन किया गया था. इसमें हर जिले में पूर्णतया आवासीय दो-दो मॉडल इंटर कॉलेजों का निर्माण कराया जाना था. यह योजना इसलिए लाई गई थी ताकि अल्पसंख्यक छात्र-छात्रओं को इनमें अच्छी शिक्षा दी जा सके.
अल्पसंख्यकों की एजुकेशन हब योजना पर योगी सरकार रोक लगाने जा रही है. इस योजना में पहले चरण के 20 में सात जिले ऐसे हैं जिनमें एक भी इंटर कॉलेज के लिए जमीन नहीं मिल सकी. तीन जिले ऐसे हैं जहां एक-एक इंटर कॉलेजों का ही निर्माण शुरू हो सका है. इसलिए सरकार इस योजना को बंद करने जा रही है.
प्रत्येक कॉलेज के निर्माण के लिए 3.02 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया. इनमें एक बालक व दूसरा बालिका के लिए इंटर कॉलेज बनाया जाना था, लेकिन कई जिलों में इस योजना के लिए मुफ्त जमीन ही नहीं मिल सकी. पहले चरण के 20 जिलों में केवल 10 जिले ऐसे हैं जहां बालक व बालिका दोनों इंटर कॉलेजों का निर्माण शुरू हो गया है. इनमें बलरामपुर जिला ऐसा है जहां सपा सरकार ने निजी क्षेत्र को मॉडल इंटर कॉलेज निर्माण के लिए पैसा जारी कर दिया था.