आज का दिन देश के लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय के तौर पर जुड़ गयाः जेपी नड्डा

नयी दिल्ली, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने महिला आरक्षण से संबंधित 131वें संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा से पारित नहीं होने पर विपक्षी दलों पर निशाना साधा है और कहा है आज का दिन देश के लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय के तौर पर जुड़ गया है।

राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में आज का दिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। संसद के विशेष सत्र के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक, महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने के लिए लाया गया था। कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन ने आज लोकसभा में इस विधेयक के विरोध में वोट करके अपना महिला विरोधी चरित्र दिखा दिया है।

उन्होंने कहा कि यह केलव एक विधेयक नहीं था, बल्कि नारी शक्ति को अधिकार एवं उन्हें सम्मान देने का अवसर था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अंतरात्मा की आवाज़ सुनने की अपील की थी, लेकिन विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान को बलि चढ़ा दिया। पूरा देश हमेशा इस बात को याद रखेगा कि विपक्ष ने राष्ट्र हित और समाज हित से ऊपर अपने राजनीतिक स्वार्थ को रखा।

रक्षा मंत्री ने कहा, “विपक्ष के इस महिला विरोधी निर्णय से उनकी कथनी और करनी का भेद उजागर हो गया है। अब देश की जनता उनसे स्वयं जवाब माँगेगी। लोकसभा में विधेयक नहीं पारित होने के बावजूद हमारा संकल्प और अधिक मज़बूत हुआ है। राजग सरकार नारी सम्मान और महिला सशक्तिकरण की लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।”

वहीं, श्री नड्डा ने कहा कि आज लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 का पारित नहीं होना कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम, समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “आज का दिन हमारे देश के लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है। यह केवल एक विधेयक का गिरना नहीं है, बल्कि करोड़ों बहनों के उस भरोसे का टूटना है जो उन्होंने एक बेहतर भविष्य के लिए संजोया था। जहाँ एक ओर हम महिलाओं को ‘शक्ति’ मानकर उनके सशक्तीकरण का सपना देख रहे हैं, वहीं विपक्ष की संकीर्ण सोच ने उनकी प्रगति की राह में दीवार खड़ी कर दी। यह उनके सपनों और उनके सामर्थ्य का अपमान है।”

उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का अपमान विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा! यह आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है। 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव तक, देश की बहनें अपने सपनों को रौंदने वालों को कड़ा सबक सिखाएंगी। याद रखिए, शक्ति का यह क्रोध आपके राजनीतिक अंत की शुरुआत है।

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