आनंदीबेन पटेल ने प्रयागराज में बालगृह परिसर का किया निरीक्षण

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को प्रयागराज जिले के खुल्दाबाद स्थित राजकीय बालगृह परिसर का निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं, सुविधाओं और बच्चों के पुनर्वास कार्यक्रमों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बालिकाओं, किशोरों और शिशुओं से संवाद कर शिक्षा, कौशल विकास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का संदेश दिया। राज्यपाल ने राजकीय बालगृह (बालिका) में बच्चियों द्वारा तैयार टीचिंग लर्निंग मैटेरियल, आर्ट एंड क्राफ्ट सामग्री, विभिन्न मॉडल तथा एआई हेल्थ केयर मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने पाक कला, योग, बागवानी, सिलाई-कढ़ाई और क्राफ्ट जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी लेते हुए कहा कि आगे बढ़ने के लिए शिक्षा, ज्ञान और प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बालिकाओं को किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने किचन, स्टोर तथा शिक्षण कक्ष का भी जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई के संबंध में प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर बच्चों ने उत्साहपूर्वक दिया। उन्होंने बालिकाओं को स्वच्छता अपनाने, नियमित दिनचर्या का पालन करने, पौष्टिक भोजन लेने और सकारात्मक विचार रखने की सलाह दी। पॉक्सो पीड़ित बालिकाओं को मिष्ठान और स्वच्छता किट भी वितरित किए गए।

शिशु कक्ष में राज्यपाल ने 12 नवजात शिशुओं की चिकित्सा, टीकाकरण, पोषण और देखभाल की जानकारी ली। उन्होंने शिशुओं की देखभाल में लगी आयाओं को सेरेलैक और दूध वितरित किया तथा बच्चों को फल एवं मिष्ठान भी दिए। इस अवसर पर बच्चों ने स्वागत गीत और गायत्री मंत्र प्रस्तुत किया।

राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में राज्यपाल ने किशोरों से कहा, “अच्छा पढ़ो, अच्छा करो और अच्छा बनो।” उन्होंने उन्हें प्रतिदिन डायरी लिखने, योग, मेडिटेशन, साफ-सफाई, खेलकूद, पेंटिंग तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने लाइब्रेरी में जाकर ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ने और पढ़े गए विषय की समरी रिपोर्ट बनाने की सलाह दी।

राज्यपाल ने स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर व्यवस्था की जानकारी लेते हुए किशोरों की संख्या के अनुसार 20 कंप्यूटर उपलब्ध कराने, लाइब्रेरी में अधिक पुस्तकें रखने और नियमित समाचार पत्र मंगाने के निर्देश दिए। साथ ही खेल, संगीत, योग और अन्य गतिविधियों की प्रतियोगिताएं आयोजित कर प्रतिभाशाली किशोरों को विशेषज्ञता दिलाने पर जोर दिया।

उन्होंने किशोरों से पिछली गलतियों को भूलकर दृढ़ संकल्प, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के कुलपति, जिलाधिकारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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