भारत ने आखिरी दो मैचों में जीत हासिल करते हुए चार मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर की

ब्यूनस आयर्स, भारतीय महिला हॉकी टीम ने पहले दो मैचों में मिली हार के बावजूद आखिरी दो मैचों में वापसी करते हुए अर्जेंटीना के अपने चार मैचों के दौरे को 2-2 की बराबरी पर समाप्त किया।
दौरे की शुरुआत 13 अप्रैल को एक कड़े मुकाबले वाले मैच से हुई, जिसमें नवनीत कौर ने (22वें) और अन्नू ने (29वें) मिनट में भारत के लिए गोल किए। हालांकि अर्जेंटीना ने यह मैच 4-2 से जीता। जिसमें मारिया एमिलिया लार्सन ने (11वें), विक्टोरिया ग्रैनाटो ने (18वें), और जूलिएटा जानकुनास ने (42वें 55वें) मिनट गोल किए। लेकिन भारत ने पूरे मैच के दौरान जोरदार आक्रामक खेल दिखाया। 14 अप्रैल को खेले गए दूसरे मैच में, इशिका ने (22वें) मिनट भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई, लेकिन मेजबान टीम ने अगस्टिना गोरजेलानी ने (34वें, 48वें) मिनट दो गोलों की मदद से 2-1 से करीबी जीत हासिल की।
16 अप्रैल को तीसरे मैच में भारत ने अपनी लय हासिल कर ली और 2-1 से जीत दर्ज करके सीरीज में अपनी उम्मीदें जिंदा रखीं। नवनीत कौर ने (26वें) और नेहा ने (37वें) मिनट दोनों ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल करके भारत को 2-0 की आरामदायक बढ़त दिलाई। अर्जेंटीना की अगस्टिना गोरजेलानी ने (52वें) मिनट आखिरी समय में किए गए गोल के बावजूद, भारतीय टीम ने अपना संयम बनाए रखा और जीत हासिल करके आखिरी दिन के रोमांचक मुकाबले की नींव रखी।
17 अप्रैल को सीरीज का फाइनल मैच एक कड़ा मुक़ाबला था जो निर्धारित समय में 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ। दोनों टीमों को गोल करने के मौके मिले, लेकिन भारतीय रक्षकों ने पूरे मैच के दौरान मजबूती से डटे रहते हुए कोई गोल नहीं होने दिया। शूटआउट में, भारत ने अपना संयम बनाए रखा और 3-2 से जीत हासिल करके यह सुनिश्चित किया कि सीरीज बराबरी पर ख़त्म हो।
दौरे को लेकर कप्तान नवनीत कौर ने कहा, “मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि पहले दो मैचों के बाद टीम ने जिस तरह से वापसी की। अर्जेंटीना जैसी विश्व-स्तरीय टीम के खिलाफ 0-2 से पीछे होना आसान नहीं होता, लेकिन हमने वापसी के लिए ज़रूरी हिम्मत और जज़्बा दिखाया। ये लगातार मिली जीतें साबित करती हैं कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और बड़े मंच पर दबाव को संभाल सकते हैं।”





