महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने से किसी राज्य की संसदीय सीटें कम नहीं होंगी : अमित शाह

नयी दिल्ली, गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लोक सभा में कहा कि महिलाओं को विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी विधेयकों को पारित करने से दक्षिण के राज्यों का सदन में प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा।
अमित शाह ने परिसीमन विधेयक 2026, संविधान ( एक सौ इकतीसवां संशोधन ) विधेयक 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर सदन में एक साथ हो रही चर्चा के दौरान कहा कि एक बड़ा आख्यान गढ़ा जा रहा है कि इन विधेयकों के माध्यम से दक्षिण के राज्यों की लोक सभा में क्षमता कम हो जायेगी, उनका बड़ा नुकसान होगा। वह स्पष्ट करते हैं कि दक्षिण के किसी राज्य काे लोक सभा की सीटों के लिहाज से कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में अभी लोक सभा की 28 सीटें हैं, जो इन विधेयकों के पारित होने के बाद बढ़कर 42 हो जायेंगी। आंध्र प्रदेश में अभी 25 सीटें हैं, जो बढ़कर 38 हो जायेंगी। तेलंगाना में अभी 17 सीटें हैं, जो बढ़कर 26 हो जायेंगी। तमिलनाडु में अभी 39 सीटें हैं, जो बढ़कर 59 हो जायेंगी।
उन्होंने कहा कि अभी लोक सभा की 543 सीटें हैं और उनमें 129 सीटें दक्षिण के राज्यों की हैं, जो बढ़कर 195 हो जायेंगी।
अमित शाह ने कहा कि जो सदस्य सदन के समक्ष कुछ राज्यों की सीटें कम होने की भ्रांति फैला रहे हैं, तो वह भारत के गृह मंत्री के रूप में यहां कह रहे हैं कि सीटों के लिहाज से किसी राज्य का कोई नुकसान नहीं होगा। गृह मंत्री ने कहा कि यह भी भ्रम फैलाया जा रहा है कि सरकार जाति जनगणना कराना नहीं चाहती। वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सरकार ने जाति जनगणना कराने का निर्णय कर लिया है। मंत्रिमंडल ने निर्णय किया है कि अगली जनगणना में जाति गणना करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि पहले सभी मकानों की गणना की जा रही है, जब व्यक्तियों की गणना की जायेगी, तो उनकी जातियों की गणना की जायेगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2029 से पहले जो भी चुनाव होंगे, वे सीटों की पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही कराये जायेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी ताकत देश से लोकतंत्र को समाप्त नहीं कर सकती। उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव का नाम लेते हुए कहा कि वह चिंता न करें, उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव अगले वर्ष वर्तमान व्यवस्था के अनुसार ही होंगे।
अमित शाह ने कहा कि देश में आपातकाल लगाकर भी लोकतंत्र को समाप्त करने का जिन्होंने प्रयास किया था, जनता ने चुनावों में उन्हें ही समाप्त कर दिया।





