यूपी में गर्मी के प्रचंड तेवर,बांदा देश में सबसे गर्म

कानपुर, उत्तर प्रदेश के दक्षिणी एवं मध्य भाग में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार तेज हो रहा है और प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। बांदा शुक्रवार को प्रदेश और देश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो से तीन दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल में उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रहे पश्चिमी विक्षोभ तथा निचले क्षोभमंडल में उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश तक बनी द्रोणी का सीमित असर प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में देखा गया, जहां कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हुई। हालांकि अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क बना रहा, जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
प्रदेश के प्रमुख शहरों में कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, झांसी और बुंदेलखंड क्षेत्र में दिन के समय तेज धूप और गर्म पछुआ हवाओं ने जनजीवन प्रभावित किया। कानपुर में शुक्रवार को गर्मी का असर तीखा रहा और सड़कें दोपहर में सूनी नजर आईं। यहां अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
लखनऊ में भी तापमान तेजी से बढ़ रहा है और आगामी तीन दिनों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। राजधानी में मौसम शुष्क रहेगा तथा गर्म हवाएं चलने की संभावना है। प्रयागराज में गर्मी और अधिक तीखी रहने के संकेत हैं।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार यहां रविवार तक तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात का तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने से उमस बढ़ सकती है।
झांसी और आसपास के बुंदेलखंड क्षेत्र में लू जैसे हालात बने रहने की संभावना है। बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट जैसे जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग ने किसानों, श्रमिकों और खुले में कार्य करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन दिनो में बांदा में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के आसार है जबकि प्रयागराज में 43 डिग्री से 44 डिग्री,कानपुर में 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रह सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती वस्त्र पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। यदि शुष्क पछुआ हवाएं इसी प्रकार जारी रहीं तो अप्रैल के शेष दिनों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है।





