पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री योगी की तीन जनसभाएं, टीएमसी पर बोला तीखा हमला

कोलकाता/नादिया/ हावड़ा,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में आयोजित अपनी तीन जनसभाओं में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। जोरासांको, चकदहा और उदयनारायणपुर में हुई सभाओं में उन्होंने दावा किया कि 4 मई को राज्य में “भगवा लहराएगा” और टीएमसी के “गुंडों की उल्टी गिनती” शुरू हो जाएगी।
सभा स्थलों पर बड़ी संख्या में पहुंचे समर्थकों ने “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं” जैसे नारे लगाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण के मतदान में ही भाजपा 80 फीसदी सीटें जीतने जा रही है और परिणाम आने के बाद बंगाल ‘सोनार बांग्ला’ के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री  योगी ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा, “ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होबे’, लेकिन मैं कहता हूं—अब ‘खेला शेष, उन्नयन शुरू’।” उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए विकास के धन का दुरुपयोग हो रहा है और भाजपा की सरकार बनने पर यह बंद होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की पहचान “काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से” है और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को बचाना जरूरी है। उन्होंने भाषा के मुद्दे पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। साथ ही, उन्होंने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के योगदान का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उनकी विरासत का सम्मान नहीं किया जा रहा।

मुख्यमंत्री योगी ने बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए टीएमसी पर “गुंडागर्दी, माफिया राज और भ्रष्टाचार” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कभी देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र रहा बंगाल आज बेरोजगारी और उद्योगों के बंद होने की समस्या से जूझ रहा है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां “नो कर्फ्यू-नो दंगा” की स्थिति है और त्योहार शांतिपूर्वक मनाए जाते हैं। साथ ही, उन्होंने अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई होती है।
उदयनारायणपुर में मुख्यमंत्री ने एक मृत भाजपा कार्यकर्ता की मां से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और कहा कि “ऐसी घटनाएं कार्यकर्ताओं के हौसले को और मजबूत करती हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा सभा में बाधा डालने की कोशिश की गई, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग जुटे।

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