देश के विकास के लिए सौर और पवन ऊर्जा जरूरी: पीएम मोदी

नयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की आपूर्ति में आयी रुकावटों के बीच रविवार को देश के भविष्य की सुरक्षा के लिए सौर और पवन ऊर्जा को जरूरी बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में पवन ऊर्जा के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, “देश के विकास के लिए सौर और पवन ऊर्जा जरूरी हैं। यह सिर्फ पर्यावरण की बात नहीं है – यह हमारे भविष्य की सुरक्षा है। इसमें हम सबकी भूमिका है। हमें बिजली बचानी है, हमें स्वच्छ ऊर्जा अपनानी है। देश में हर स्तर पर ऐसे प्रयास जरूरी हैं।”
पश्चिम एशिया संकट के दौरान कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की उत्पादन और आपूर्ति दोनों प्रभावित हुई है।इसने ऊर्जा के शुद्ध आयातक के रूप में भारत को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकल्प तलाशने के लिए प्रेरित किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पवन-शक्ति देश के विकास की नयी कहानी लिख रही है। भारत ने हाल ही में पवन-ऊर्जा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब देश की पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। पिछले एक साल में करीब छह गीगावाट नयी क्षमता जुड़ी है। भारत पवन ऊर्जा क्षमता के मामले में दुनिया में चौथे स्थान पर है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान और देश के अनेक राज्य इस क्षेत्र में अपना परचम लहरा रहे हैं। गुजरात के कच्छ, पाटन, बनासकांठा जैसे क्षेत्रों में, जहां पहले सिर्फ रेगिस्तान नजर आता था, आज वहां बड़े नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बन रहे हैं। इसका लाभ युवाओं को मिल रहा है, नये अवसर बन रहे हैं, नये कौशल विकसित हो रहे हैं, रोजगार के नये रास्ते खुल रहे हैं।





