कांग्रेस का आरोप,महिला आरक्षण पर राजनीति कर रही है भाजपा

लखनऊ, उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर महिला आरक्षण को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है। पार्टी के प्रदेश कार्यालय में महिलाओं के मुद्दों पर आयोजित संगोष्ठी “महिला आरक्षण अधिनियम : सम्मान या छलावा” में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। संगोष्ठी में कांग्रेस महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना के अलावा लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति एवं समाजसेविका रूपरेखा वर्मा, समाजसेविका नाइस हसन तथा विचार विभाग के चेयरमैन एच.एल. दुसाध उपस्थित रहे। अविनाश पांडे ने कहा कि महिलाएं बराबरी की हकदार हैं और कांग्रेस पार्टी ने स्थापना काल से ही महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कांग्रेस की देन थीं और बाद में सोनिया गांधी ने भी महिलाओं के लिए कई लोककल्याणकारी योजनाएं लागू कीं।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है, जिसे कांग्रेस और राहुल गांधी ने पूरा समर्थन दिया, लेकिन भाजपा सरकार उसे लागू नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान लोकसभा सीटों में ही तत्काल महिलाओं को आरक्षण दिया जाना चाहिए, न कि इसे केवल राजनीतिक दिखावा बनाया जाए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांग्रेस सभी को सम्मान और अधिकार देकर साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं, लेकिन अपनी पत्नी को सम्मान नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि महिला सम्मान के नाम पर भाजपा केवल छलावा कर रही है।
अजय राय ने वाराणसी के आईआईटी-बीएचयू छात्रा दुष्कर्म प्रकरण का उल्लेख करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि भाजपा बलात्कारियों का संरक्षण करती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।
मुख्य वक्ता रूपरेखा वर्मा ने कहा कि महिलाएं पुरुषों से समानांतर नहीं, बल्कि संयुक्त अधिकार चाहती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो गया था, तो उसे तत्काल कानून के रूप में लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि परिसीमन और महिला आरक्षण दो अलग विषय हैं, लेकिन भाजपा ने दोनों को जोड़कर महिलाओं के साथ अन्याय किया है।
नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य किया है। उन्होंने पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण देने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया और कहा कि भाजपा उस समय इसका विरोध कर रही थी। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि क्या वह किसी महिला को प्रधानमंत्री पद का चेहरा या राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएगी।
समाजसेविका नाइस हसन ने कहा कि महिलाओं की स्थिति देश में लगातार गिर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को देवी बनाकर पूजने के बजाय बराबरी का इंसान माना जाए और उन्हें अधिकार व सम्मान दिया जाए। उन्होंने कहा कि आरक्षण महिलाओं का प्राकृतिक अधिकार है और कांग्रेस ने सदैव महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि महिला आरक्षण अधिनियम को तत्काल लागू किया जाना चाहिए और महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक तथा प्रशासनिक स्तर पर बराबरी का अवसर दिया जाना चाहिए।





