उत्तर प्रदेश में आंधी पानी का कहर,मौसम हुआ खुशगवार

लखनऊ, प्रचंड गर्मी का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश के विशेषकर पूर्वी हिस्से में बुधवार दोपहर बाद तेज रफ्तार आंधी और हल्की बारिश ने जम कर कहर बरपाया। मौसम के बदले मिजाज से लोगों को गर्मी से तो राहत मिली मगर सैकड़ों पेड़ और पोल उखड़ने से जनजीवन खासा प्रभावित हुआ।
प्रयागराज,प्रतापगढ़,मऊ,गाजीपुर और सुलतानपुर समेत लगभग समूचे पूर्वांचल में दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल गया। धूल भरी आंधी के बाद आसमान पर घने काले बादलों ने डेरा जमा लिया। आंधी के चलते सैकड़ों पेड़ और बिजली के पोल जमीन चूम गये जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हुयी। आंधी बारिश से बचने के लिये लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। आंधी से टीन शेड उड़ कर दूर जा गिरे।
मौसम विभाग ने पहले ही आंधी पानी की भविष्यवाणी की थी। आंधी पानी से गर्मी से फौरी राहत मिली मगर जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। मौसम विभाग ने प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में अगले दो दिनों तक गरज-चमक, वज्रपात, तेज झोंकेदार हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है। वहीं एक मई से कई क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के संकेत हैं, हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा बुधवार को जारी दैनिक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 29 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ वज्रपात तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों में बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना व्यक्त की गई है। 30 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारों का अनुमान है। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
एक और दो मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 03 मई को दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं वर्षा की संभावना है, जबकि 04 और 05 मई को प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों भागों में कुछ स्थानों पर वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले श्रमिकों तथा आम नागरिकों को आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल के अंतिम दिनों में सक्रिय हुए इस पश्चिमी विक्षोभ से जहां तापमान में अस्थायी गिरावट दर्ज हो सकती है, वहीं तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। प्रशासन को भी संभावित मौसमीय प्रभावों को देखते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं
प्रयागराज से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बारिश शुरू होने के साथ तेज हवाओं के साथ आंधी चली जिससे संगम तट पर झोपड़ियां उखड़ गईं।मौसम विभाग ने अगले 3 घंटे में मौसम बिगड़ने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है। बिजली और ओले भी गिर सकते हैं। प्रयागराज में पिछले एक हफ्ते से तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था ।
लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे थे। इंसानों के साथ-साथ जानवर भी इस तेज गर्मी से परेशान नजर आ रहे थे। जो लोग बाहर निकलते भी थे, वे खुद को बचाने के लिए गमछा, टोपी और छाते का सहारा ले रहे थे लेकिन आंधी बारिश होने से मौसम खुशनुमा हो गया है।
उधर प्रतापगढ़ में दोपहर लगभग दो बजे अचानक मौसम बदल गया। घने बादल घिर गये और अन्धेरा हो गया। तेज हवाओ के साथ गरज चमक के साथ वर्षा शुरु हो गयी। आकाशीय बिजली की कड़क चमक से लोग अपने घरो मे दुबक गये है। सड़कें सूनी हो गयी। सडको पर लगे ठेले और गुमटी दुकानदारों ने दुकानें बन्द करके आसपास के घरों मे जाकर शरण ली।
मऊ गाजीपुर सहित पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में जबरदस्त आंधी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। दिन में ही अंधेरा छा गया। सबसे बड़ी बात सहलग का सीजन होने से जगह-जगह शादी विवाह मांगलिक कार्यक्रमों की तैयारी चल रही थी जो प्रवाहित हुई है। तेज आंधी की गुबार में एक तरफ जहां बड़े-बड़े पेड़ गिरे, वही टेंट तंबू, बिजली के खंभे तीन शेड इत्यादि भी गिरने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
बुधवार की दोपहर बाद जहां लोग आम दिनचर्या में लगे थे, वहीं शादी विवाह का सीजन होने से जगह-जगह मांगलिक कार्यक्रमों की तैयारी चल रही थी। अचानक काफी तेज धूल भरी आंधी से सब कुछ अस्त व्यस्त हो गया। एक तरफ जहां मांगलिक समारोह वाले स्थलों पर सारी तैयारियां छिन्न भिन्न हो गई। वहीं जगह-जगह पेड़ गिरने से बिजली के तार व खंबे भी प्रभावित हुए हैं। लगभग आधे घंटे तक धूल भरी आंधी के बाद हवा के तेज झोंको के साथ बरसात ने भी रही सही कसर पूरी कर दी। इस आंधी का प्रभाव पूर्वांचल के मऊ, गाजीपुर सहित पूर्वांचल के अधिकांश जिलों में देखने को मिला है।
सुलतानपुर जिले में बुधवार को तेज आंधी-तूफान आया जिससे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर व्यापक असर देखा गया। एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा पर लाखों रुपये का नुकसान हुआ, जबकि अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर पेड़ गिरने से लगभग आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा।
सुलतानपुर में दोपहर अचानक लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवाओं के कारण पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर किमी 80 स्थित हलियापुर टोल प्लाजा का पूरा सिस्टम अस्त-व्यस्त हो गया। टोल प्लाजा पर लगी फॉल सीलिंग उड़कर बिखर गई, जिससे करीब 30 मिनट तक कामकाज प्रभावित रहा। सूत्रों के अनुसार तूफान के कारण मशीनों के तार टूट गए और भारी आर्थिक नुकसान हुआ। यूपीडा के अधिकारियों ने बताया कि सिस्टम को ठीक करके कार्य पुनः शुरू कर दिया गया है और मरम्मत का काम जारी है।
इसी दौरान सुलतानपुर में अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर दोपहर बाद गोसाईगंज थाना क्षेत्र के कटका बाजार में धूल भरी आंधी के कारण एक विशाल इमली का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। तेज हवाओं के चलते पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रुक गई और सड़क के दोनों ओर जाम जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई, यह राहत की बात रही। घटना की सूचना मिलते ही द्वारिकागंज चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से यातायात को सुचारू कराने का प्रयास किया। पेड़ को हटाने की कार्रवाई के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो गया।





