फिरोजाबाद, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव को बड़ा झटका लगा है। लाख प्रयासों के बाद भी उनके बेटे के संसदीय क्षेत्र की जिला पंचायत अध्यक्षी अब उनके हाथ से फिसल गयी है। सपा छोड़कर भाजपा मे आये अमोल यादव ने बाजी पलट दी और नामांकन के दिन ही फिरोजाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना झंडा फहरा दिया।
सपा के पूर्व विधायक रामवीर सिंह के बेटे अमोल यादव ने फिरोजाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये नामांकन किया। उनके अलावा किसी और दल का प्रत्याशी नामांकन नही कर सका। जिसके कारण अब अमोल यादव ने फिरोजाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निरविरोध चुना जाना तय हो गया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर जो कुछ भी हुआ वह अप्रत्याशित और चौंकाने वाला है। सपाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और प्रो. रामगोपाल यादव जैसे वरिष्ठ नेता, जिस विधायक के उत्पीड़न के खिलाफ पार्टी आंदोलन कर रही थे, उसी विधायक हरिओम यादव ने भाजपा से हाथ मिला लिया था। अविश्वास प्रस्ताव लाकर विजय प्रताप यादव छोटू को हटाने और सदस्यता खत्म कराने तक जिन नेता ने पैरवी की थी उनके साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाने से सपा के दिग्गज नेता बेखबर थे।
रविवार दोपहर तक सपा के नेता काफी जोश में थे। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में संख्या बल समाजवादी पार्टी अपने पक्ष में मान कर चल रही थी। 33 सदस्यों में से विजय प्रताप यादवछोटू की सदस्यता खत्म होने के बाद 32 सदस्यों को मतदान करना था। जीत के लिए 17 सदस्य चाहिए थे। सपा का दावा था कि 22 सदस्य उसके पास हैं। जिन पर पक्का भरोसा था वो सदस्य खुले घूम रहे थे जबकि सपा ने जिनकी घेराबंदी की थी वो सदस्य सपा के कब्जे में अज्ञात स्थान पर थे । इन सदस्यों की संख्या 11 थी। लेकिन रविवार की रात ऐसा पासा पलटा कि सपा की बनी हुई रणनीति धरी की धरी रह गई।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल ने अपनी पार्टी के विधायक हरिओम पर जेल में जिला पंचायत सदस्य भाजपा को बेचने का आरोप लगाया है। हरिओम एक मामले में जेल में हैं। प्रो. रामगोपाल यादव का कहना है कि हमारे विधायक हरिओम यादव और उनके बेटे विजय प्रताप छोटू ने जिला पंचायत सदस्यों का सौदा भाजपा के साथ कर दिया। इटावा के नेता के इशारे पर जेल में पूर्व विधायक रामवीर यादव, अजीम यादव ने मिलकर डील तैयार की।