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दलितों की सरेआम पिटाई पर राज्यसभा में भारी हंगामा, कार्यवाही स्थगित

Gujrat dalitनई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया. शहडोल के बीजेपी सांसद दलपत सिंह परस्ते के निधन के चलते आज लोकसभा में उन्हें श्रद्धांजलि देकर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी  गई, लेकिन उससे पहले पीएम मोदी ने लोकसभा में नए मंत्रियों का परिचय कराया. हाल ही में मोदी कैबिनेट का विस्तार हुआ था, और कुछ मंत्रियों के विभाग बदले गए थे.

गुजरात में दलितों की सरेआम पिटाई पर भारी हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित की गई गुजरात के सोमनाथ में दलित लड़कों को सरेआम मारने के केस में अब एक महिला पुलिसकर्मी को भी सस्पेंड कर दिया गया है. इससे पहले दो पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए थे. एक हफ्ते पहले गोवंश हत्या के शक में लोगों ने 7 दलित लड़कों की सरेआम पिटाई की थी.सबकी निगाहें इस सत्र में जीएसटी बिल को लेकर है. सरकार विपक्ष को मनाने में जुटी है और विपक्ष जीएसटी पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रहा है.प्रधानमंत्री मोदी ने संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कहा कि देश तेज गति से आगे बढ़े, इसे लेकर सब मिलकर देश को दिशा देने का काम करें.उन्होंने कहा कि सबका विकास का मूड है और सत्र से अच्छी चर्चा की उम्मीद है.

आज से शुरू हो रहे संसद सत्र से  दिन भर बैठकों का दौर चलता रहा. दिन में सरकार ने सभी दलों के साथ बैठक की तो शाम को लोकसभा स्पीकर की बैठक में तमाम दलों के नेता पहुंचे. सरकार ने सभी दलों की जो बैठक बुलाई थी उसमें जीएसटी बिल को लेकर चर्चा तो नहीं हुई लेकिन सरकार को उम्मीद है कि इस सत्र में बिल पास हो जाएगा.

पीएम ने भी कल बैठक में कहा कि  संसद को देश हित में और जनता का हित में चलाना चाहिए. वैसे सरकार की राह इतनी आसान भी नहीं दिख रही है. कांग्रेस जहां मेरिट के आधार पर बिल के समर्थन की बात कह रही है वही बाकी विपक्ष इस बात से नाराज है कि सरकार सिर्फ कांग्रेस से ही क्यों बात कर रही है. साल भर से कभी बजट सत्र में तो तभी मानसून तो कभी शीतकालीन सत्र में इस बिल के लाने और पास कराने की चर्चा होती रही. बिल पास हुआ तो आपकी जिंदगी कैसे प्रभावित होगी अब उसके बारे में भी जान लीजिए.सबसे बड़ा फायदा तो ये होगा कि बिल के अमल में आते ही अलग अलग तरह के टैक्स से आपको छूटकारा मिलेगा.चुनिंदा चीजों को छोड़कर हर तरह की खरीदारी पर आपको एक ही टैक्स देना होगा. यानी कोई चीज अभी दूसंरे राज्य में सस्ती और आपके राज्य में महंगी मिल रही है तो सस्ता महंगा का झमेला खत्म हो जाएगा.मतलब ये कि हर जगह एक तरह के सामान का रेट एक ही हो जाएगा.दुकानदार-कारोबारियों को बाहर से सामान मंगाने में अलग अलग टैक्स का झमेला नहीं रहेगा तो चीजें सस्ती हो जाएंगी और आपको कम कीमत पर मिलेगी.कहने का मतलब ये कि एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, वैट, मनोरंजन टैक्स का झंझट खत्म हो जाएगा. हालांकि अभी कुछ दिन पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, किरोसीन पर राज्य अपने अपने हिसाब से टैक्स का फॉर्मूला जारी रखेंगे. यानी दिल्ली में पेट्रोल यूपी से सस्ता मिल रहा है तो फिलहाल वो मिलता रहेगा. यानी इसको एक समान होने में कुछ वक्त लगेगा. जीएसटी से जो टैक्स आएगा उसका बंटवारा केंद्र और राज्य में तय हिसाब से होगा. टैक्स चोरी रुक जाएगी जिससे देश का जीडीपी बढेगा. सरकार का तो यहां तक कहना है कि महंगाई पर भी लगाम लग सकेगी.राज्यसभा में बिल पर चर्चा होनी है. पिछली बार संसद में टीएमसी, बीजेडी जैसी बड़ी क्षेत्रीय पार्टियां विरोध में खड़ी हो गई थी. जयललिता की पार्टी भी जीएसटी के खिलाफ है. कांग्रेस की कहना है कि एक राज्य से दूसरे राज्य में सामान ले जाने पर 1 फीसदी का अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया जाए.कांग्रेस टैक्स की अधिकतम सीमा 18 फीसदी रखकर संविधान में शामिल कराना चाहती है लेकिन सरकार राजी नहीं है. टैक्स की जो सीमा तय होगी उसमें से केंद्र और राज्य दोनों को आधा आधा टैक्स मिलेगा. जिन राज्यों को टैक्स में शुरुआती नुकसान होगा उसे राहत पैकेज भी दिया जाएगा.

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