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पीएम मोदी का वादा- देशवासियों की थाली महंगी नहीं होगी

narendra modi at Lal Kilaनई दिल्ली,   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले से झंडा फहराया और फिर देश के सभी लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के सपने को पूरा करना चाहिए। इसके लिए हर आदमी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। अगर देश के पास समस्याएं हैं तो सामर्थ्य भी है। आजादी का पर्व देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का पर्व है। हम महात्मा गांधी, सरदार पटेल, पंडित नेहरू और अनगिनत लोगों को याद करते हैं जिन्होंने स्वराज हासिल करने के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे दी।

पीएम मोदी ने कहा है कि हमारी सरकार का उद्देश्य देश के सामान्य नागरिक के जीवन में बदलाव लाने पर है। उन्होंने कहा कि कम से कम समय में आधार कार्ड, पासपोर्ट और आयकर रिफंड की उपलब्धि को सफलता पूर्वक प्राप्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले आयकर रिफंड में काफी वक्त लगता था, लेकिन अब यह तीन सप्ताह के अंदर हो जाता है। मोदी ने कहा कि इसी तरह पासपोर्ट बनवाने में पहले छह से आठ महीने का वक्त लगता था, लेकिन अब यह कुछ सप्ताह में ही बन जाता है, भले ही आज की तारीख में सालाना लगभग दो करोड़ लोग पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं। पहले सालाना लगभग 20 हजार लोग पासपोर्ट के लिए आवेदन करते थे। उन्होंने अपने भाषण में कहा है कि हमने 70 करोड़ भारतीयों को अधार कार्ड और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा के मुद्दे पर कहा कि उनकी सरकार का ध्यान ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों पर है, खासकर सौर व पवन ऊर्जा पर। उन्होंने कहा कि बाजार में 350 रुपये में मिलने वाले एलईडी बल्ब को उनकी सरकार मात्र 50 रुपये में उपलब्ध करा रही है। मोदी ने कहा कि अब तक, ऐसे 13 करोड़ बल्ब वितरित किए जा चुके हैं और हमारा लक्ष्य 77 करोड़ बल्ब वितरित करना है। इन 70 करोड़ एलईडी बल्बों से 1.25 लाख करोड़ रुपये कीमत की 20 हजार मेगावाट बिजली की बचत होगी। प्रधानमंत्री ने कहा है कि बिजली की सुविधा से महरूम 18 हजार गांवों में से 10 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा है कि आजादी के 60 साल के बाद केवल 14 करोड़ एलपीजी (रसोई गैस) का कनेक्शन दिया गया था, जबकि हमने मात्र 60 सप्ताह के अंदर चार करोड़ नए कनेक्शन दिए। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह राजघाट पहुंचे और उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धाजंलि दी। फिर इसके बाद वह अपने काफिले के साथ देश की आजादी की 70वीं वर्षगांठ पर भाषण देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किला पहुंच चुके हैं। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, रक्षा राज्यमंत्री सुभाष रामराव भामरे, केंद्रीय रक्षा सचिव जी.मोहन कुमार और भारतीय सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग ने उनकी अगवानी की। पीएम मोदी ने कहा कि आज के इस विशेष दिवस पर मैं देश में रहने वाले 125 करोड़ लोगों व विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा है कि मैं उम्मीद करता हूं कि देश की यह ऊर्जा आने वाले वक्त में देश को प्रगति की नई ऊंचाई तक पहुंचाने में मदद करेगी। पीएम मोदी ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल को सलाम किया। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा है कि यह इनके अथक प्रयास हैं कि हम आज आजादी का जश्न मना रहे हैं। उन्होंने कहा है कि हर भारतीय ने देश के लिए काम किया है। उनके योगदान से ही स्वराज आया है। आज इस स्वराज को सुशासन में बदलना ही हमारा उद्देश्य है। इसे एक भारत, श्रेष्ठ भारत बनाने की कोशिश करें। पीएम मोदी ने कहा है कि हमारी सरकार का उद्देश्य देश के सामान्य नागरिक के जीवन में बदलाव लाने पर है। उन्होंने कहा कि कम से कम समय में आधार कार्ड, पासपोर्ट और आयकर रिफंड की उपलब्धि को सफलता पूर्वक प्राप्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले आयकर रिफंड में काफी वक्त लगता था, लेकिन अब यह तीन सप्ताह के अंदर हो जाता है। महंगाई को काबू में रखने का संकल्प जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार ने मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाया है और उनका प्रयास है कि गरीबों की थाली महंगी न हो। लाल किले की प्राचीर से अपने तीसरे स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की तुलना में इस समय महंगाई कम हुई है। उन्होंने रिजर्व बैंक के साथ मौद्रिक नीति मसौदे के तहत अगले पांच साल के लिये दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत मुद्रास्फीत लक्ष्य का समर्थन किया। मोदी ने कहा, ..पूर्व सरकार के समय के दौरान मुद्रास्फीति 10 प्रतिशत से पार कर गयी थी। हमारे निरंतर प्रयासों से मुद्रास्फीति छह प्रतिशत से उपर नहीं गयी है। प्रधानमंत्री ने माना कि इस समय सब्जियों की कीमतें कुछ चढ़ी हुई हैं। पर इसके कारण में जाते हुए उन्होंने इस तेजी के लिये लगातार दो साल सूखे को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सूखे के कारण आपूर्ति प्रभावित होने से सब्जी की कीमतों में कुछ तेजी आयी है लेकिन इसे काबू में रखने के लिये प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा, मैं निरंतर यह प्रयास करूंगा कि गरीबों की थाली महंगी नहीं हो। इस साल दाल की कीमतों में तेजी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष दलहन की बुवाई 1.5 गुना हुई है और अच्छे मानसून तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा किसानों को बोनस जैसे कदमों के साथ-साथ उपलब्धता बढ़ने से कीमत के मोर्चे पर हालात बेहतर होंगे। आतंकवादियों को महिमामंडित करने के लिए पाकिस्तान को आड़े हाथ लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ऐलान किया कि देश आतंकवाद के सामने नहीं झुकेगा और कहा कि बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की जनता ने अपने खिलाफ हो रहे अत्याचार के मुद्दों को उठाने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है। लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए 90 मिनट के अपने भाषण में प्रधानमंत्री कश्मीर घाटी के हालात पर कुछ नहीं बोले जहां हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद हिंसा का माहौल है लेकिन उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को महिमामंडित करने और भारत में लोगों के मारे जाने की खुशी मनाने का आरोप लगाया। मोदी ने वानी का नाम नहीं लिया लेकिन जाहिर तौर पर ऐसा बोलकर उन्होंने उसी का जिक्र किया जिसे पाकिस्तान ने शहीद का दर्जा दिया। अपनी खास पहचान बने आधी आस्तीन के कुर्ते और राजस्थानी पगड़ी पहने मोदी ने 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने भाषण के अधिकतर हिस्से में अपनी सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और खासतौर पर अर्थव्यवस्था की गति बढ़ाने में, कारोबार करना सुगम बनाने में और गरीबों तथा किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाओं में सरकार के कार्यों का ब्योरा पेश किया। दलितों और अल्पसंख्यकों पर हालिया हमलों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि सामाजिक बुराइयों से कठोरता और संवेदनशीलता से निपटे जाने की आवश्यकता है क्योंकि सामाजिक एकता के बिना समाज का जीवित रहना असंभव है। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में लालकिले की प्राचीर से कहा कि समाज की मजबूती का आधार सामाजिक न्याय है और आर्थिक वृद्धि समाज के सशक्त होने की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने देशवासियों से सामाजिक समानता और न्याय के लिए काम करने को कहा। मोदी ने स्पष्ट किया कि सामाजिक सौहार्द देश की प्रगति की चाबी है और महात्मा गांधी तथा बीआर अंबेडकर जैसे सभी संतों तथा हस्तियों ने हर किसी के साथ समान व्यवहार किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने कहा, आज हम सामाजिक तनाव देखते हैं। संत रामानुजाचार्य ने क्या संदेश दिया था ? उन्होंने कहा था कि हमें भगवान के सभी भक्तों की किसी पूर्वाग्रह के बिना समान रूप से सेवा करनी चाहिए। किसी का भी उसकी जाति की वजह से अनादर मत करिए। मोदी ने कहा, भगवान बुद्ध, महात्मा गांधी, संत रामानुजाचार्य, बीआर अंबेडकर ने जो कहा था, हमारे सभी शास्त्रों, संतों और शिक्षकों ने सामाजिक एकता पर जोर दिया है। जब समाज टूटता है तो साम्राज्य विघटित होता है। जब समाज स्पृश्य और अस्पृश्य, उंची और नीची जातियों में बॅंटता है तब ऐसा समाज नहीं ठहर सकता। प्रधानमंत्री ने कहा कि होता है, चलता है की मनोवृत्ति से सामाजिक बुराइयों से निपटने में मदद नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा, ये बुराइयां सदियों पुरानी हैं तथा इनसे कठोरता और संवेदनशीलता से निपटना होगा। जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर, और नक्सल प्रभावित इलाकों में हिंसा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हथियार उठाने वाले युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने घरों को लौट आएं और मुख्यधारा में शामिल हों क्योंकि हिंसा के रास्ते से कभी किसी को फायदा नहीं हुआ। मोदी ने कहा कि हिंसा से किसी का भला नहीं होने वाला है और निर्दोष लोगों की हत्या का खेल खेला जा रहा है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आज लाल किले की प्राचीर से दिए भाषण में कहा, आज माओवाद के कब्जे वाले जंगलों में निर्दोष लोगों की हत्या का खेल खेला जा रहा है, सीमा पर आतंकवाद के नाम पर खेल खेला जा रहा है, पहाड़ों में आतंक के नाम पर खेल खेला जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन वर्षों में यह हुआ है कि मातृभूमि रक्त से लाल हो गई लेकिन आतंकवाद की राह पकड़ने वालों को कुछ हासिल नहीं हुआ। मोदी ने कहा, मैं उन युवाओं से कहना चाहता हूं कि यह देश हिंसा कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। यह देश आतंकवाद कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। यह देश कभी आतंकवाद और माओवाद के सामने सिर नहीं झुकाएगा। उन्होंने कहा, मैं उन युवकों से कहना चाह रहा हूं कि अब भी समय है, वापस आ जाओ और अपने माता-पिता के सपनों को देखो। अपने माता-पिता के अकांक्षाओं को देखो। शांति का जीवन जियो क्योंकि हिंसा के रास्ते से कभी कोई फायदा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में हिंसा और अत्याचार के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा, अगर भारतीय लोकतंत्र को मजबूत होना है, अगर भारत के सपनों को पूरा होना है, तो हिंसा कभी हमारा मार्ग नहीं होगा। महंगी स्वास्थ्य सेवाओं को गरीबों की जेबें खाली करने वाला बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज घोषणा की कि सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की स्वास्थ्य सेवा पर आने वाले एक लाख रूपए तक के सालना खर्च का वहन करेगी। स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान लाल किले की प्राचीर से घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी गरीब परिवार का कोई सदस्य जब बीमार पड़ता है तो उस घर की पूरी अर्थव्यवस्था हिल जाती है। यह योजना इस बात को सुनिश्चित करेगी कि ऐसे परिवार स्वास्थ्य सेवा के लाभों से वंचित न रहे।

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