विजय माल्या भागा हैं या भगाया गया?

नगरोब सोतबोबंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक, शराब कारोबारी और राज्यसभा सांसद विजय विट्‌ठल माल्या 2 मार्च को ही देश से भाग चुके हैं। माल्या पर 17 बैंकों का करीब 9 हजार करोड़ रुपए कर्ज है। उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी था। संसद में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एक किमी दूर से नजर आने वाला लंबा-चौड़ा आदमी, परियों-हूरों के साथ चलने वाला माल्या सुई नहीं है जो गायब हो जाए। सरकार ने उसे भगाया। माल्या के विदेश जाने का खुलासा बुधवार को अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में किया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक माल्या दो मार्च को प्राइवेट जेट से देश छोड़कर निकले। जाते वक्त उनके पास 11 लगेज थे। शराब कारोबारी विजय माल्‍या के खिलाफ सीबीआई के निगरानी नोटिस (लुकआउट नोटिस) पर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। सूत्रों के हवाले से कथित तौर पर सीबीआई ने विजय माल्‍या को देश छोड़कर जाने से नहीं रोका। सूत्रों के अनुसार, माल्‍या जब देश छोड़कर जा रहे थे तो सीबीआई ने इमीग्रेशन विभाग से उन्‍हें रोकने के लिए नहीं कहा था। जिसके खिलाफ लुक आउट नोटिस होता है, उसे एयरपोर्ट पर जरूर रोक लिया जाता है। सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सीबीआई ने इमीग्रेशन विभाग से सिर्फ माल्‍या के बारे में जानकारी देने को कहा था। बताया गया कि दो मार्च को इमीग्रेशन विभाग ने जांच एजेंसी को माल्‍या के देश छोड़कर जाने की जानकारी दी थी। गौर हो कि केंद्र सरकार ने बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि विभिन्न बैंकों से 9000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण लेने के बाद उसे कथित रूप से नहीं चुकाने को लेकर कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे शराब कारोबारी विजय माल्या हफ्ताभर पहले ही देश छोड़कर चले गए।

शक इसलिए गहराता है क्योंकि एक दिन पहले सरकार के वकील माल्या को भागने से रोकने की गुहार लगा रहे थे। एक दिन बाद वही बताते हैं कि माल्या तो 2 मार्च को ही भाग गए हैं। वकील प्रशांत भूषण का कहना है कि सरकार अब भी चाहे तो माल्या को वापस ला सकती है। उन्होंने कहा कि अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कल सुप्रीम कोर्ट से कहा कि माल्या को देश छोड़ने से रोका जाए, आज वही पूछने पर कोर्ट से कह रहे थे- ‘वह तो देश से भाग चुका है।’ तो सरकार ने उसे रोका क्यों नहीं?

बैंकों का माल्या पर कितना बकाया?
(पैसा करोड़ रुपए में)
एसबीआई-1600
पीएनबी-800
आईडीबीआई-800
बैंक ऑफ इंडिया- 650
यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया-430
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया-410
यूको बैंक- 320
कॉर्पोरेशन बैंक-310
स्टेट बैंक ऑफ मैसूर-150
इंडियन ओवरसीज बैंक-140
फेडरल बैंक- 90
पंजाब एंड सिंध बैंक-60
एक्सिस बैंक-50
(सोर्स- PTI रिपोर्ट 2014)
माल्या के भारत में कितने एसेट्स?
– यूबी में 33% हिस्सेदारी की वर्थ है 7 हजार करोड़। लेकिन इनमें से आधे से ज्यादा प्रॉपर्टी एसबीआई के पास गिरवी रखी हैं।
– मैंगलोर केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स की कीमत 140 करोड़ है। लेकिन इसके एक तिहाई शेयर्स गिरवी पड़े हैं।
– यूबी का 52% हिस्सा बेंगलुरु और कई दूसरे स्थानों में रियल एस्टेट में लगा है। लेकिन सारा किराया गिरवी होने के चलते निकल जाता है।
राजा से रंक बनने का सफर
1# कहां से आए विजय माल्या?
– 1983- पिता के निधन के बाद विजय माल्या यूबी (यूनाइटेड ब्रेवरिज) ग्रुप के चेयरमैन बने। तब उनकी उम्र 28 साल थी।
– 1999- किंगफिशर एयरलाइंस लॉन्च की। जिसने देश में एयर ट्रैवल के मायने बदल दिए। आज भी यह सबसे ज्यादा बिकने वाला ब्रांड है।
– 2002- माल्या को राज्यसभा में नॉमिनेट किया गया।
2# किन-किन कंपनियों को खरीदा?
– 2005- किंगफिशर एयरलाइंस ने शराब कंपनी शॉ वॉलेस को खरीदा।
– 2006- बैगपाइपर व्हिस्की और रोमानोव वोदका बनाने वाली शराब कंपनी हरबर्ट सन्स को खरीदा।
– 2007- फॉर्मूला-1 रेसिंग टीम स्पाइकर को खरीदा। इसका नाम ‘फोर्स इंडिया’ कर दिया गया। कंपनी ने एयर डेक्कन समेत ब्रिटिश शराब कंपनी ‘Whyte and Mackay’ को खरीदा।
– 2008- आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को खरीदा। बेंगलुरु में यूबी सिटी बनाई।
3# शुरू हुआ डाउनफॉल
-2012- किंगफिशर एयरलाइंस के स्टाफ ने सैलरी न मिलने को लेकर स्ट्राइक कर दी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एयरलाइंस के अकाउंट फ्रीज कर दिए। अक्टूबर में एयरलाइंस का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। ब्रिटिश शराब कंपनी डियाजियो ने यूनाइटेड स्पिरिट्स लि. (यूएसएल) के ज्यादातर शेयर खरीदने की सहमति जताई।
– 2013- डियाजियो ने यूएसएल के 27% शेयर को 6500 करोड़ में खरीदा। लेकिन एयरलाइंस में पैसा लगाने वालों को एक भी पैसा नहीं मिला।
– 2014-यूनाइटेड बैंक ने यूबी को डिफॉल्टर घोषित किया।
– 2015-डियागो ने माल्या से शराब कंपनी के चेयरमैन पद से हट जाने को कहा। माल्या ने इससे मना कर दिया।
– 2016-सभी बैंक बकाए के लिए ट्रिब्यूनल में चले गए। ट्रिब्यूनल ने 515 करोड़ रुपए का आकलन किया। ये पैसे माल्या को डियागो से सेटलमेंट करने पर मिले थे।

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