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विधान परिषद चुनाव मे सपा की शानदार जीत, भाजपा प्रत्याशी चुनाव हारा

UP-Vidhaan-Sabha-लखनऊ,  उत्तर प्रदेश राज्य विधान परिषद की 13 सीटों के लिए क्रास वोटिंग होने की अटकलों के बीच चुनाव संपन्न हो गया। विधान परिषद की 13 सीटों के लिए वोटिंग हुई, जिसमें  सर्वाधिक समाजवादी पार्टी के 8 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की और भाजपा का एक प्रत्याशी चुनाव हार गया। बसपा ने अपने 3 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे जिसमें से तीनों जीते हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के 1-1 प्रत्याशी को जीत मिली है।

यूपी विधान परिषद चुनाव की 13 सीटों के लिए 14 प्रत्याशी मैदान में थे। 403 विधायकों ने वोटिंग की। एसपी के 8 प्रत्याशी  बुक्कल नवाब, बलराम यादव, जगजीवन प्रसाद, रामसुंदर दास, कमलेश पाठक, सत्‍यरुद्र प्रकाश, यशवंत सिंह और रणविजय सिंह चुनाव जीते हैं। बहुजन समाज पार्टी के तीनों प्रत्याशियों सुरेश कश्यप, अतर सिंह राव और दिनेश चंद्र जीते हैं। साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने अपने दो प्रत्याशी मैदान में उतारे थे जिसमें से भूपेंद्र सिंह को जीत मिली है और दयाशंकर सिंह हार गए हैं तथा कांग्रेस के दीपक सिंह एमएलसी चुनाव जीत गये हैं.
उत्तर प्रदेश राज्य विधान परिषद की 13 सीटों के लिए क्रास वोटिंग होने की अटकलों के बीच आज शाम 4 बजे मतदान संपन्न हो गया। मतदान सुबह 9 बजे शुरु हुआ। मतदान के दौरान सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक गुड्डू पंडित और मुकेश शर्मा के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगीत सोम के साथ वोट डालने आना चर्चा का विषय रहा। सरोजनीनगर सीट से सपा विधायक शारदा प्रताप शुक्ल पत्रकारों पर भड़क गए। पत्रकारों ने इसे क्रास वोटिंग के बारे में सवाल पूछ लिया था। बसपा से निलंबित विधायक राजेशपति त्रिपाठी के द्वारा भी क्रास वोटिंग की चर्चा है, हालांकि त्रिपाठी ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। पीस पार्टी के अध्यक्ष मोहम्मद अय्यूब खां की माने तो क्रास वोटिंग हुई है लेकिन किसने किसने किया है यह मालूम नहीं है। सपा विधायक वकार अहमद शाह और एक अन्य विधायक बीमारी की वजह से वोट नहीं डाल सके। चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने मुकम्मल व्यवस्था की थी। विधायकों से लगातार संपर्क रखा जा रहा था। एक-एक विधायक का लेखा जोखा रखा जा रहा था।

मतगणना शाम पांच बजे शुरु  हुई। सपा के 8 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। आठों की जीत के लिए 232 वोट की जरुरत थी, जबकि सपा के पास 229 विधायक हैं। सपा के सभी प्रत्याशियों की जीत के लिए 3 अतिरिक्त वोटों की जरुरत थी। राष्ट्रीय लोकदल विधायकों ने सपा के पक्ष में मतदान करने का दावा किया है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के तीन प्रत्याशी थे । उसके विधायकों की संख्या 80 है। तीनों प्रत्याशियों की जीत के लिए सात अतिरिक्त मत की जरुरत पड़ी। भाजपा के पास 41 विधायक हैं। उसके दोनों उम्मीदवारों की जीत के लिए 12 अतिरिक्त मत चाहिए था जो वह पूरा न  कर सकी। जबकि कांग्रेस के 29 विधायक हैं। कांग्रेस के एक प्रत्याशी की जीत के लिए 29 विधायक पर्याप्त थे क्योंकि विधान परिषद में जीत के लिए प्रथम वरीयता का 29 वोट चाहिए थे।

 

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