स्याही लगाने से नोट बदल चुके लोग, दोबारा लाइन में नहीं लग पा रहे- आरबीआई

rbiमुंबई,  मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद लाइन में लगे लोगों को रिजर्व बैंक ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। मेट्रो शहरों में अब पुराने नोटों को बदलने की कतार छोटी हो रही हैं।  पैसे निकालने पर अब उंगली पर स्याही लगाने का काम बुधवार से शुरू हो चुका है, इस कारण पुराने नोटों को बदल चुके लोग अब फिर से कतार में नहीं लग पा रहे हैं।

रिजर्व बैंक ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि नोटों की पर्याप्त सप्लाई की जा रही है और बैंकों के पास काफी करंसी मौजूद है। गौरतलब है कि 8 नवंबर को सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने के बाद देशभर के बैंकों और एटीएम में लोग पैसा निकालने तथा बदलने के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं।

हालांकि सरकार भी लोगों को राहत देने के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार ने किसानों और जिनके परिवारों में शादी है उनके लिए कैश विदड्रॉल की लिमिट बढ़ा दी है। उधर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गुरुवार को साफ किया कि बैंकों के पास पर्याप्त करंसी है। रिजर्व बैंक ने एक बयान जारी कर कहा कि किसी घबराने की जरूरत नहीं है, नोटों की छपाई और सप्लाई बढ़ाई गई है और बैंकों के पास पर्याप्त करंसी है। लोगों से अपील है कि वे करंसी को लेकर चिंतित नहीं हों और उसे घर में नहीं रखें। कैलिब्रेटेड एटीएम (ऐसे एटीएम जिन्हें 500 और 2000 के नए नोटों के हिसाब से तैयार किया गया है) से अब 500 रुपये के नए नोट निकलने लगे हैं।

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