अमित शाह 27 अप्रैल तक बंगाल में रहेंगे, भाजपा ने दूसरे चरण के मतदान के लिए रणनीति को दी धार

कोलकाता, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 27 अप्रैल तक पश्चिम बंगाल में रहेंगे। इससे यह साफ हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी दूसरे चरण के मतदान से पहले अपने प्रचार अभियान को तेज और अपनी रणनीति को पुख्ता कर रही है।
अमित शाह अगले सात दिनों तक कोलकाता में ही रहेंगे। गौरतलब है कि 27 अप्रैल दूसरे चरण के चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। वह 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के दौरान भी राज्य में मौजूद रहेंगे, जो पार्टी द्वारा बंगाल को दी जा रही अहमियत को दर्शाता है।
अमित शाह के इस कार्यक्रम की घोषणा भाजपा के न्यू टाउन कार्यालय में आयोजित एक अहम रणनीतिक बैठक में की गयी, जिसका मुख्य फोकस दूसरे चरण के चुनाव की तैयारियों पर था। केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुई यह बैठक रात करीब 9:45 बजे शुरू हुई और आधी रात के बाद लगभग 12:05 बजे तक चली। इसमें प्रमुख चुनाव क्षेत्रों के चुनावी समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की गयी।
इस बैठक में दूसरे चरण में मतदान वाले जिलों के जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी और प्रवासी (पर्यवेक्षक) मौजूद थे। इसके अलावा, 13 संगठनात्मक जिलों को कवर करने वाले चार संगठनात्मक क्षेत्रों के जिम्मेदार नेताओं को भी मशवरे के लिए बुलाया गया था।
अमित शाह के साथ भाजपा नेता भूपेंद्र यादव, बिप्लब देब, सुनील बंसल और अमित मालवीय भी थे। सूत्रों के अनुसार, श्री शाह ने इन 13 जिलों के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभा सीटों की क्षेत्रवार समीक्षा की। उन्होंने हर चुनाव क्षेत्र की जमीनी स्थिति पर विस्तृत फीडबैक मांगा, जिसमें अल्पसंख्यक मतदान का मिजाज, एसआईआर प्रक्रिया के बाद का सियासी रुख और पार्टी की जीत की संभावनाएं शामिल थीं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से मिले जानकारियों का मिलान उन रिपोर्टों से किया, जो उनके पास पहले से मौजूद थीं।
उन्होंने सीधे तौर पर इलाकों का जिम्मा संभाल रहे लोगों से प्रत्यक्ष आकलन भी लिया, ताकि संगठनात्मक आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को खत्म किया जा सके। श्री शाह का यह लंबा प्रवास और देर रात तक चलने वाली समीक्षा बैठकें भाजपा नेतृत्व की गहरी सक्रियता का संकेत देती हैं, क्योंकि पार्टी राज्य में चुनाव के निर्णायक दूसरे चरण के लिए खुद को तैयार कर रही है।





