काले कर्मों से सजाया राजमहल इतिहास में कलंक बनता है: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग काले कर्मों से राजमहल सजाते हैं, वे इतिहास में कलंक बन जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव को गिराकर विपक्षी दलों ने आधी आबादी के अधिकारों का अपमान किया है। प्रस्ताव गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा बधाई देने और नारेबाजी करने को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इससे पूरा सदन और देश आहत हुआ है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि उन्हें नीति-निर्धारण और कानून निर्माण में भी भागीदारी मिलनी चाहिए। वर्तमान में संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी सीमित है, ऐसे में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होने से उनकी निर्णायक भूमिका सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनधन योजना के तहत करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोले गए और डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभ पहुंचाया गया। उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे महिलाओं को सम्मान और स्वावलंबन मिला है।

स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने शौचालयों ने महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं खुले में शौच के लिए मजबूर थीं, जबकि अब उन्हें सम्मानजनक सुविधा मिली है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में महिला सुरक्षा की स्थिति अत्यंत खराब थी और अनेक गंभीर घटनाएं सामने आई थीं।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद महिला अपराधों में कमी आई है और महिलाओं की भागीदारी विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने 1995 गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख करते हुए विपक्ष के आचरण पर सवाल उठाए और कहा कि उस समय महिलाओं के सम्मान की रक्षा में विपक्ष विफल रहा था।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद और विधानसभा में अलग-अलग रुख अपनाता है। लोकसभा में महिला आरक्षण का विरोध करने वाले दल अब विधानसभा में इसका समर्थन कर रहे हैं, जो उनके दोहरे चरित्र को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

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