बुद्ध पूर्णिमा पर आयोजित समारोह में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील

कुशीनगर, कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष शिन नंदा ने भिक्षुओं, गणमान्य जनों, उपासकों तथा आम श्रद्धालुओं से एक मई को आयोजित बुद्ध जयंती समारोह में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की भावुक अपील की है। भंते नंदा ने कहा कि बुद्ध जयंती समारोह की परंपरा भारत में सबसे पहले कुशीनगर से बौद्ध धर्मगुरु भिक्षु चंद्रमणि महास्थवीर ने प्रारंभ की थी, जिसे उनके गुरु एबी ज्ञानेश्वर ने अपने अंतिम समय तक निभाया। उन्होंने कहा कि इस बार उनके न रहने से समारोह में एक विशेष कमी महसूस होगी।
उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों ही बुद्ध पूर्णिमा के दिन होने के कारण यह पर्व बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बुद्ध के पंचशील और अष्टांगिक मार्ग पर चलकर ही मानवता का कल्याण संभव है।
भंते नंदा ने कहा कि भारत सहित चीन, जापान, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, ताइवान, लाओस, वियतनाम और कोरिया जैसे देशों में भी बुद्ध जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर कुशीनगर पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता करने का आह्वान किया।




