वायरल वीडियो पर सियासत तेज: समय आने पर लोकतंत्र के अपराधी बख़्शे नहीं जाएंगे : अखिलेश यादव

लखनऊ, बंगाल चुनाव में ऑब्जर्बर बनकर पहुंचे आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के वायरल एक वीडियो को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत गरमा गई है । प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वीडियो को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समय आने पर लोकतंत्र के अपराधी बख़्शे नहीं जाएंगे।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि इस प्रकरण ने प्रदेश के शासन-प्रशासन की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है और ‘महिला सम्मान’ व ‘नारी वंदन’ जैसे दावों की वास्तविकता भी उजागर कर दी है।

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा शासन में इस तरह के मामले अपवाद नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ही इस तरह के आचरण में शामिल पाए जाएं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इस घटना से भाजपा से जुड़ी महिलाएं भी असहज और शर्मिंदा महसूस कर रही होंगी।

उन्होंने कहा कि अब सबकी नजर इस बात पर है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन या बर्खास्तगी की कार्रवाई कितनी तेजी से होती है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि से जुड़ा मामला बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि इस प्रकरण में होने वाली कार्रवाई से यह स्पष्ट हो जाएगा कि मुख्यमंत्री का रुख क्या है। उन्होंने यह भी कहा कि इतना कुछ सामने आने के बाद सरकार पर अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई का दबाव बनना तय है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति केवल अपराधियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ऐसे अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होनी चाहिए, ताकि महिलाओं का भरोसा कायम रह सके। अखिलेश यादव ने कहा है कि प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी!
उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा कि सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे ‘एजेंडों के एजेंटों’ की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जाँच होगी और बेहद सख़्त दंडात्मक कार्रवाई भी। ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि हम न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे। ये खोज के लाए जाएंगे, खोद के लाए जाएंगे और अपने कुकृत्यों के लिए क़ानूनी सज़ा भी पाएंगे। लोकतंत्र के अपराधी बख़्शे नहीं जाएंगे।

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