पेट दर्द की गंभीर बीमारी के इलाज में फोर्टिस गुरुग्राम की बड़ी कामयाबी

गुरुग्राम, आधुनिक चिकित्सा तकनीक के जरिए अब कई जटिल बीमारियों का इलाज बिना बड़े ऑपरेशन के संभव हो गया है। इसी दिशा में फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (FMRI), गुरुग्राम की GI सर्जरी टीम ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में क्रोनिक पैंक्रिएटाइटिस के 200 से अधिक लैप्रोस्कोपिक सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक मामलों में से एक मानी जा रही है।
लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों से मरीजों को कई फायदे मिलते हैं। इसमें छोटा चीरा, कम दर्द, जल्दी रिकवरी और अस्पताल में कम समय रुकना शामिल है।
युवाओं में बढ़ रही क्रोनिक पैंक्रिएटाइटिस की समस्या
क्रोनिक पैंक्रिएटाइटिस अक्सर युवाओं को प्रभावित करता है। इससे मरीजों को लगातार पेट दर्द, डायबिटीज और तेजी से वजन कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता पर असर पड़ता है।
27 वर्षीय युवक का सफल ऑपरेशन, पांच दिन में मिली छुट्टी
ऐसा ही एक मामला 27 साल के युवक का था, जो बार-बार तेज पेट दर्द से परेशान था और कई बार अस्पताल जाना पड़ता था। जांच में पता चला कि पैंक्रियास की नली में पथरी (स्टोन) फंसी हुई थी, जिससे नली में रुकावट हो गई थी। डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी कर पैंक्रियास के रस के निकलने के लिए नया रास्ता बनाया। सर्जरी के बाद मरीज का दर्द काफी कम हो गया और वह पांच दिन में स्वस्थ होकर घर लौट गया।
11 साल के बच्चे की जटिल सर्जरी भी रही सफल
एक अन्य मामले में 11 साल का बच्चा तेज पेट दर्द और पीलिया की समस्या के साथ अस्पताल आया। जांच में पता चला कि उसे क्रोनिक पैंक्रिएटाइटिस है और बाइल डक्ट में भी रुकावट है। डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कर पैंक्रियास की नली को खोलकर उसे आंत से जोड़ दिया, जिससे पाचन रस और पित्त का प्रवाह सामान्य हो गया। सर्जरी के बाद बच्चा तेजी से ठीक हो गया।

डॉ. अमित जावेद ने बताया कैसे यह तकनीक मरीजों के लिए फायदेमंद
डॉ. अमित जावेद, प्रिंसिपल डायरेक्टर और HOD – लैप्रोस्कोपिक GI सर्जरी, फोर्टिस गुरुग्राम, ने कहा कि क्रोनिक पैंक्रिएटाइटिस मरीजों के जीवन पर गंभीर असर डालता है।
लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से नली में फंसी पथरी हटाई जा सकती है और पैंक्रियास का ड्रेनेज बेहतर किया जा सकता है, जिससे मरीजों को दर्द से राहत मिलती है और रिकवरी भी जल्दी होती है। उन्होंने बताया कि फोर्टिस गुरुग्राम उन चुनिंदा अस्पतालों में शामिल है, जहां इस तरह की जटिल लैप्रोस्कोपिक सर्जरी नियमित रूप से की जा रही हैं।
फोर्टिस गुरुग्राम बना एडवांस पैंक्रियास सर्जरी का प्रमुख केंद्र
यश रावत, फैसिलिटी डायरेक्टर और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम, ने कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल की सर्जिकल टीम की विशेषज्ञता को दर्शाती है। आधुनिक तकनीक और सटीक सर्जरी के जरिए मरीजों को बेहतर इलाज और तेजी से रिकवरी मिल रही है।
दुनिया में सबसे ज्यादा मामलों में शामिल हुई यह सर्जरी सीरीज
फोर्टिस गुरुग्राम की GI सर्जरी टीम अब तक क्रोनिक पैंक्रिएटाइटिस के करीब 200 लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन कर चुकी है। यह संख्या दुनिया में इस तरह की सर्जरी के सबसे बड़े मामलों में से एक मानी जा रही है।
नई तकनीकों की मदद से अब कई मरीजों का इलाज बिना बड़े ऑपरेशन के, छोटे चीरे के साथ संभव हो रहा है, जिससे उन्हें कम दर्द और जल्दी स्वस्थ होने का लाभ मिलता है।





