गाजियाबाद में अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने किसानों की समस्याओं, बढ़ती महंगाई, बिजली संकट और एमएसपी को लेकर कई बड़े मुद्दे उठाए और अहम घोषणाएं भी कीं।
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन आज किसान की औसत आय सिर्फ 12-13 हजार रुपये रह गई है।खाद, डीजल और बीज जैसी जरूरी चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं, जिससे खेती करना मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका के साथ होने वाली डील के बाद विदेशी उत्पाद भारतीय बाजार में आएंगे, जिससे स्थानीय किसानों को बड़ा नुकसान होगा और उनकी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। अखिलेश यादव ने प्रदेश में बिजली संकट को गंभीर बताते हुए कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया गया था।
उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि बिना तैयारी के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “जब स्मार्ट मीटर लगाए जा सकते हैं, तो गांवों को स्मार्ट क्यों नहीं बनाया जा सकता। समाजवादी पार्टी की ओर से उन्होंने ऐलान किया कि 23 फसलों पर MSP दिया जाएगा, जिसमें दूध भी शामिल होगा।
साथ ही गन्ना किसानों के लिए बड़ा वादा करते हुए कहा कि उनकी फसल का भुगतान 24 घंटे के अंदर किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के लिए बनाए गए होटल और सुविधाएं भी सरकार ने अपने लोगों को बेच दी हैं और किसानों की अनदेखी की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और पुलिस एक साथ काम कर रहे हैं, जिससे लोकतंत्र प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने ईडी और सीबीआई के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि दबाव में कई नेताओं ने पार्टी छोड़ी। उन्होंने दावा किया कि इस बार उत्तर प्रदेश में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) 95% मतदान करेगा और भाजपा को सत्ता से हटाएगा। उनका कहना था कि “बुरे दिन जाने वाले हैं और जनता बदलाव चाहती है।” गंगा सफाई को लेकर उन्होंने कहा कि नदी साफ नहीं हुई, लेकिन सफाई के नाम पर पैसा जरूर साफ हो गया।
अखिलेश यादव ने बताया कि वह गाजियाबाद नहीं पहुंच पाए, लेकिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीड़ित किसानों से बात की और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने किसानों, बिजली, महंगाई और सरकार की नीतियों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए और साथ ही चुनावी वादों के जरिए अपनी राजनीतिक रणनीति भी साफ की।





